बहराइच (ब्यूरो)। नेपाल से आ रहे हाथियों के झुंड में शामिल हाथी का एक बच्चा शनिवार शाम गेरुआ और कौड़ियाला नदी के संगम को पार करते समय डूब गया। इस पर पूरा झुंड चिंघाड़ने लगा।
आवाज सुनकर वन विभाग की गश्ती टीम पहुंची। लेकिन दो घंटे बाद हाथियों के हटने पर टीम घटनास्थल पर पहुंच सकी। टीम ने हाथी के बच्चे की डूबकर मौत होने की पुष्टि की है। शव को रेंज कार्यालय लाकर सुबह पोस्टमार्टम किया जाएगा।
कतर्नियाघाट संरक्षित वन क्षेत्र में खाता कारीडोर के माध्यम से नेपाली हाथियों का झुंड रायल बर्दिया नेशनल पार्क से आता रहता है। इस समय लगभग 45 हाथियों का झुंड 10 दिन से प्रवास कर रहा है।
इस झुंड में तीन नन्हें हाथी भी थे। डीएफओ आशीष तिवारी ने बताया कि हाथियों का यह झुंड नदी के उस पार कतर्निया के घने जंगल में छोटी बेली और बड़ी बेली में ही प्रवास करता है।
शनिवार शाम हाथियों का झुंड गेरुआ और कौड़ियाला नदियों के संगम से होकर बड़ी बेली की तरफ जा रहा था। इसी दौरान हाथियों के चिंघाड़ आने लगी। नाविक रामरूप व वन विभाग की टीम उस समय गश्त पर थी।
हाथियों के हटने के बाद टीम मौके पर पहुंची तो एक नन्हें हाथी का शव मिला। डीएफओ ने कहा कि जहां पर शव मिला है, वहां नदी काफी गहरी है और हाथी के बच्चे की ऊंचाई मुश्किल से सवा मीटर है।
काफी नन्हा होने के चलते शायद वह डूब गया। उन्होंने कहा कि अंधेरा होने के चलते शव को रेंज कार्यालय नहीं लाया जा सका है। टीम को मौके पर लगाया गया है। सुबह रेंज कार्यालय लाकर शव का पोस्टमार्टम कराया जाएगा। इसके लिए तीन डॉक्टरों का पैनल गठित होगा।