तराई का मौसम बुधवार को अचानक बदल गया। तूफान व बारिश से जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया। सैकड़ों पेड़ उखड़कर गिर गए। इनमें से कई तो मकानों पर गिरे। मिहींपुरवा व नानपारा में आंधी-तूफान का अधिक असर दिखा। मिहींपुरवा, बलहा और सुजौली में मकानों व अन्य स्थानों पर पेड़, दीवार और मकान ढहने से आठ लोगों की मौत हो गई।
जबकि 58 लोग घायल हुए हैं। इनमें से पांच की हालत गंभीर होने के चलते उन्हें जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। हादसों में पांच मवेशी भी मरे हैं। तूफान की चपेट में आकर 128 मकान ढहे हैं। वहीं, भारी बारिश से शहर में जगह-जगह जलभराव हो गया। बिजली व संचार सेवाएं पूरी तरह ठप होने से जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है।
तराई में बुधवार सुबह धूप निकली थी। मगर बादल आ-जा रहे थे। इससे मौसम काफी सुहावना था। मगर आठ बजे के आसपास अचानक काली घटाएं घिर आईं। तेज हवाएं चलने लगीं। कुछ ही देर में धूल भरी हवाओं ने तूफान का रूप ले लिया। 120 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से हवाएं चलने लगीं। लगभग आधे घंटे तक जबर्दस्त तूफान के बाद मूसलाधार बारिश शुरू हो गई। आंधी, तूफान और बारिश ने मिहींपुरवा और नानपारा क्षेत्र में जमकर कहर बरपाया।
तूफान का सबसे अधिक असर मिहींपुरवा के जंगल से सटे क्षेत्रों में दिखा। सुजौली, कनपुरवा, चफरिया, सुजौली बाजार, आंबा, बर्दिया, मिहींपुरवा, सेमरी मलमला, लालबोझा, नयापुरवा में जगह-जगह पेड़ उखड़ गए। कई पेड़ तो मकानों पर गिरे। जिससे मकान तो तहस-नहस हुए ही, साथ ही उनमें मौजूद लोग भी लहूलुहान हो गए। पल भर में सब कुछ तबाह हो गया।
मिहींपुरवा में रेलवे स्टेशन के पास रहने वाले अब्बास (48) के मकान पर पेड़ गिर गया। इससे अब्बास की मौके पर ही मौत हो गई। जबकि उनकी पत्नी साकरा (45) घायल हो गईं। कोतवाली मुर्तिहा के सेमरी मलमला में गांव के पास तूफान में ढहे पेड़ की चपेट में आकर भुल्लन गुप्ता (60) ने दम तोड़ दिया। नयापुरवा लालबोझा निवासी पिंकी (20) पुत्री बनवारी और राजकुमारी (30) पत्नी कुंवारे आंधी के दौरान पेड़ से गिरीं सूखी लकड़ियां बीनने के लिए घर से निकली थीं। मगर बड़ा पेड़ गिरने से दबकर दोनों की मौके पर ही मौत हो गई।
वहीं, सुजौली के बिहारीपुरवा निवासी राजबली (65) पुत्र सहदेव के मकान की दीवार ढह गई। चपेट में आकर राजबली की मौत हो गई। बख्तावर गांव निवासी हसन अली (35) पुत्र सुभान अली घर के पास गिरे पेड़ की लकड़ियां बीनने गया था। तभी चोट लगने से मौके पर ही हसन अली की मौत हो गई।
वहीं मिहींपुरवा, नानपारा, महसी, कैसरगंज, फखरपुर, शिवपुर, नवाबगंज, रुपईडीहा, विशेश्वरगंज क्षेत्र में भी तूफान की चपेट में आकर 128 मकान ढहे हैं। एक विद्यालय भवन भी क्षतिग्रस्त हो गया। इन मकानों व गिरे पेड़ों की चपेट में आकर 58 लोग जख्मी हुए हैं। इनमें मिहींपुरवा निवासी सुमित्रा (25), शेखदहीर निवासी प्रतिमा (40), टेड़वा बसंतपुर निवासी विद्याराम (50), कांती (45) समेत पांच लोगों को गंभीर हालत में जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। सुजौली और बिछिया में पांच मवेशियों की भी मौत हुई है।
भारी बारिश से शहर में जगह-जगह जलभराव हो गया। तराई का मौसम बुधवार देर शाम फिर बिगड़ गया। तेज हवाओं के साथ बौछारें पड़ीं। इस दौरान फखरपुर के दहौरा गांव में रामलखन के मकान की दीवार ढह गई। मलबे में दबकर रामलखन की पत्नी लखराजा (65) की मौत हो गई। उधर, मिहींपुरवा के सर्राकला गांव में पेड़ गिरने से उसकी चपेट में आकर लालमुनि (70) पुत्र गोमती ने दम तोड़ा है।