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कोरोना मरीजों को दी जा रही सूखी रोटी

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रिसिया में एल 1 राजकीय महिला पॉलीटेक्निक में कोरोना मरीजों को दिया जा रहा गुणवत्ता विहीन भोजन। - फोटो : BAHRAICH
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बहराइच। रिसिया में स्थित राजकीय महिला पॉलीटेक्निक को कोविड अस्पताल बनाया गया है, लेकिन अस्पताल में भर्ती मरीजों के लिए पर्याप्त सुविधाएं नहीं हैं। इससे परेशान मरीजों ने गुरुवार को पानी मिली दाल और सूखी रोटी के साथ चावल का वीडियो बनाया। इसके बाद इसे वायरल कर दिया। वायरल वीडियो में चारो तरफ गंदगी फैली दिख रही है। इतना ही नहीं सूखी रोटी की व्यथा बताते हुए एक कोरोना संक्रमित बुजुर्ग मरीज रोने लगा। इस मामले का संज्ञान लेते हुए डीएम ने सीएमओ को कार्रवाई के निर्देश दिए। सीएमओ ने कोविड अस्पताल के नोडल अधिकारी को हटा दिया है।
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रिसिया विकास खंड के बभनी में राजकीय महिला पॉलीटेक्निक है। इस कॉलेज को प्रशासन की ओर से कोविड अस्पताल के लिए अधिग्रहीत किया गया है। यहां प्रथम चरण में 100 बेड का अस्पताल बनाया गया है, जिसमें कोरोना संक्रमण के 40 मरीज भर्ती हैं, लेकिन अस्पताल में अव्यवस्थाओं का बोलबाला है। यहां चारो तरफ गंदगी फैली हुई है। कई दिनों से कोरोना के मरीजों को पानी नहीं मिल रहा है। गुरुवार देर शाम कोविड अस्पताल में भर्ती मरीजों को खाना दिया गया। खाने में सूखी रोटी, चावल, पानी मिली दाल सभी पैकेटों में दी गई।
घटिया खाना देखकर मरीज नाराज हो गए। मरीजों ने इसका वीडियो बनाया। जिसमें अस्पताल में चारो तरफ फैली गंदगी, खाना सही न मिलने, स्वास्थ्य कर्मियों की लापरवाही को बयां करते हुए सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया गया। वीडियो जिले के साथ प्रदेश के कई क्षेत्रों में तेजी से वायरल हो गया।
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इस मामले का संज्ञान जिलाधिकारी ने लिया और सीएमओ को कार्रवाई के निर्देश दिए। सीएमओ ने कोविड अस्पताल के नोडल अधिकारी डिप्टी सीएमओ डॉ. अजीत चंद्रा को हटा दिया है। इस बारे में मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. सुरेश कुमार सिंह का कहना है कि मामले की जांच कराई गई है। जांच में आरोप सही मिलने पर कोविड प्रभारी को हटा दिया गया है। विभागीय कार्रवाई के लिए उच्चाधिकारियों को पत्र लिखा जाएगा।
और व्यथा सुनाते हुए रोने लगा साधु
कोविड अस्पताल में एक साधु भी भर्ती है। मरीज के दांत नहीं हैं, लेकिन अस्पताल में दिए गए खाने के बारे में बताते हुए साधु रोने लगा। उन्होेंने बताया कि पांच दिनों से भूखे हैं। प्रतिदिन सूखी रोटी दी जा रही है। दांत नहीं होने से वह सूखी रोटी नहीं खा पा रहे हैं। सहयोगी मरीजों से बिस्किट लेकर समय काट रहे हैं।
40 मरीजों पर हैं सिर्फ चार शौचालय
सरकार ने कोरोना संक्रमित मरीजों के लिए अलग-अलग शौचालय की व्यवस्था करने के निर्देश दिए हैं, जिससे मरीजों में संक्रमण तेजी से रिकवर हो। लेकिन अस्पताल में 40 मरीजों पर सिर्फ चार शौचालय ही संचालित हैं। ऐसे में कोरोना किस रफ्तार से रिकवर करेगा, इस पर भी सवाल उठ रहे हैं।
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