बहराइच (ब्यूरो)। चुनावी रंजिश में मारपीट के 38 आरोपियों को अस्पताल लेकर पहुंची पुलिस शुक्रवार को उस वक्त पशोपेश में पड़ गई, जब डॉक्टरों ने मेडिकल परीक्षण करने से इंकार कर दिया।
फखरपुर सीएचसी का रेफरल पेपर देखकर डॉक्टर भड़क उठे और सीएमओ का घेराव कर लिया। एसपी के आदेश पर अस्पताल पहुंचे नगर कोतवाल ने मिन्नतें कीं लेकिन डॉक्टर अपने निर्णय पर डटे रहे।
इससे करीब एक घंटे तक ओपीडी ठप रही और आरोपियों से भरी वैन की सुरक्षा में पुलिस के जवान डंडा बजाते दिखे। हालांकि, डीएम के हस्तक्षेप के बाद सीएमएस के निर्देश पर डॉक्टरों ने सभी आरोपियों का मेडिकल किया है।
पंचायत चुनाव के दूसरे चरण में फखरपुर मझारा तौकली गांधीगंज मैदान में ग्रामीणों ने पथराव कर दिया था। इसमें एएसपी ग्रामीण डॉ. एबी पांडेय, बौंडी थानाध्यक्ष बृजेश कुमार, पीएससी के जवान कामता प्रसाद व अन्य पुलिस कर्मी घायल हुए थे। बौंडी थानाध्यक्ष बृजेश ने 38 ग्रामीणों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई।
दो दिन में पुलिस ने सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। शुक्रवार को सभी आरोपी चिकित्सकीय परीक्षण के लिए फखरपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे। यहां मिले कर्मी ने डॉक्टरों की अनुपलब्धता बताते हुए आरोपियों को जिला अस्पताल रेफर कर दिया।
पुलिस आरोपियों को वैन से लेकर अस्पताल पहुंची लेकिन यहां रेफरल परचा देखकर डॉक्टरों का पारा चढ़ गया। डॉक्टरों ने मेडिकल करने से इंकार करते हुए सीएमओ डॉ केबी जैन का घेराव किया लेकिन यह बेनतीजा रहा।
डॉक्टरों का गुस्सा देखकर सीएमओ अपने कार्यालय से निकल लिए। सूचना पाकर पहुंचे नगर कोतवाल राजेंद्र वर्मा ने सीएमएस डॉ. माहेश्वरी पांडेय से भी मेडिकल प्रक्रिया शुरू कराने की गुजारिश की लेकिन सीएमएस ने मामला डॉक्टरों पर छोड़ दिया।
आखिरकार डीएम अभय के हस्तक्षेप पर डॉ. एपी मिश्रा, डॉ. केके वर्मा, डॉ. हीरालाल ने 38 आरोपियों का चिकित्सकीय परीक्षण हुआ है। इसके बाद पुलिस ने आरोपियों को जेल भेज दिया है। डॉक्टरों ने सीएचसी व पीएचसी से रेफर होने वाले मेडिकोलीगल न करने की चेतावनी दी है।