श्रावस्ती। जिले में संचालित विकास कार्यों की समीक्षा के लिए गुरुवार को कलेक्ट्रेट सभागार में डीएम ने विकास विभाग व कार्रदायी संस्थाओं के प्रतिनिधियों के साथ बैठक की।
इस दौरान डीएम ने जिले में संचालित योजनाओं को गुणवत्तापूर्ण ढंग से समय पर पूरा करने का निर्देश दिया। साथ ही विकास कार्यों में शिथिलता को अक्षम्य बताते हुए शिथिलता बरतने वाले अधिकारियों पर कार्रवाई करने की चेतावनी दी।
जिलाधिकारी राघवेंद्र विक्रम सिंह ने कहा कि कई अधिकारी अपने विभाग द्वारा संचालित योजनाओं की निगरानी नहीं करते। उनकी हीलाहवाली के कारण जहां कार्य समय पर पूरा नहीं हो रहे, वहीं उनमें कई खामियां भी देखने को मिल रही है लेकिन अब ऐसा कदापि न होगा।
अधिकारी विभाग द्वारा संचालित योजनाओं का स्थलीय सत्यापन करने मौके पर जाएं। साथ ही अपनी देखरेख में योजनाओं को संचालित कराएं। इसमें किसी प्रकार की हीलाहवाली बर्दाश्त नहीं होगी।
2014-15 में चयनित लोहिया गांव में से चार गांव में संपर्क मार्ग अधूरा है, जबकि पांच गांवों में विद्युतीकरण का कार्य पूरा नहीं हो सका है।
वहीं पांच गांवों में इंदिरा आवास, नौ गांवों में लोहिया बावास, 16 गांवों में निशुल्क बोरिंग योजना व नौ गांव में मृदा परीक्षण का कार्य अधूरा है।
जिस पर संबंधित विभागाध्यक्षों को कड़ी फटकार लगाते हुए एक माह में कार्य पूरा कराने की हिदायत दी। जबकि सहायक अभियंता जल निगम को बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में अभियान चलाकर हैंडपंपों का प्लेटफार्म ऊंचा करने का निर्देश दिया।
बैठक में सीडीओ एनपी सिंह, सहायक निदेशक मत्स्य आरपी सिंह, अधिशासी अभियंता विद्युत विनय कुमार, अधिशासी अभियंता लोक निर्माण विभाग, पीडी सहित कई अन्य विभागों के विभागाध्यक्ष मौजूद रहे।