कटरा (श्रावस्ती)। इकौना के करमोहना में शनिवार देर शाम एक ही चिता पर पांच शवों का दाह संस्कार किया गया। नौ साल के दिव्यांशु ने जब अपने पिता, बाबा, चाचा, ताऊ व चचेरे भाई को मुखाग्रि दी तो वहां गमगीन माहौल में मौजूद सभी की आंखों से आंसू छलक पड़े।
इकौना के करमोहना निवासी भगौती प्रसाद गुप्ता का शुक्रवार को निधन हो गया था। उनका पूरा परिवार पंजाब प्रांत के लुधियाना में था। जहां से सभी लोग शनिवार सुबह घर पहुंचने वाले थे। घर पर दादी व मां पूनम, बहन मुस्कान व दिव्या के साथ रह रहे दिव्यांशु अपने पिता, चचेरे भाईयों सहित परिवार के अन्य सदस्यों का बाबा की मौत पर आने का इंतजार कर रहा था। इस मासूम को क्या पता था कि वह जिनका बेताबी से इंतजार कर रहा है, उनकी चिताओं के साथ ही उसे अपने बाबा की चिता को भी मुखाग्रि देनी पड़ेगी।
शनिवार सुबह छह बजे जब उसे दुर्घटना की सूचना मिली तो वह बदहवास सा हो गया। घटना के बाद पिता अर्जुन, ताऊ शैलेंद्र, चाचा मुकेश, चचेरे भाई अमित उर्फ वीरू, बुआ रामा देवी के शव पोस्टमार्टम के लिए भिनगा भेज दिए गए थे। वहां से शाम करीब सात बजे चारों के शव गांव पहुंचे तो वहां कोहराम मच गया। इन शवों को घर न लाकर सीधे श्मशान ले जाया गया। श्मशान स्थल पर पहले से तैयार भगौती की ही चिता को विस्तारित कर उसी पर अर्जुन, शैलेंद्र, मुकेश व अमित के शवों को भी रखा गया जिन्हें एक साथ दिव्यांशु ने मुखाग्रि दी।
इतने बड़े हादसे की सूचना के बाद रिश्तेदारों के साथ ही जिला पंचायत अध्यक्ष दद्दन मिश्र, महराज कुंवर तिवारी सहित मिश्रीपुरवा, पंडितपुरवा, डकाही, रमवापुर, तेंदुआ पंडित, रामपुर, बेलहा राघव, श्याम देवरिया, बगही सहित करमोहना से हजारों की संख्या में ग्रामीण पहुंचे थे। जब दिव्यांशु ने एक साथ पांच परिवारीजनों को मुखाग्रि दी तो हर किसी की आंख नम थी।