श्रावस्ती। जिले में पुलिस का सारा कार्य अब ऑनलाइन होगा। इसके लिए एसपी ने नया सॉफ्टवेयर तैयार कराया है। नया सॉफ्टवेयर नए वित्तीय वर्ष से लागू होगा। इसके बाद से पुलिस कार्यालय पेपरलेस व्यवस्था में आ जाएगा। पुलिस की कार्यप्रणाली में अभी भी ब्रिटिश युग की छाप दिखाई देती है। इसलिए कार्यालय में पत्रावलियों के आगे बढ़ने की गति बहुत धीमी होती है। इससे जहां कार्य की पारदर्शिता प्रभावित होती है वहीं पीड़ित कार्यालय का महीनों चक्कर लगाना पड़ता है। अब यह व्यवस्था चंद दिनों में परिवर्तित होने जा रही है। जिले में पुलिस का सारा कार्य ऑनलाइन होगा। एएपी के द्वारा तैयार कराए गए सॉफ्टवेयर मार्च माह के अंत या फिर नए वित्तीय वर्ष के प्रथम सप्ताह में लागू कर दिया जाएगा। इसके बाद सभी पटल एक निश्चित समय के अंदर अपना कार्य करेंगे। जिसकी निगरानी एसपी स्तर पर होगी।
सॉफ्टवेयर सुलभ कार्यप्रणाली पर कार्य करेगा। इसके लिए कोई भी आवेदक चाहे वह चरित्र सत्यापन कराने वाला हो या फिर ऐसे पुलिस कर्मी जो मेडिकल क्लेम, पेंशन या अन्य जरूरी कार्य के लिए ऑफलाइन आवेदन करते हैं, वे ऑनलाइन करेंगे। ऑनलाइन आवेदन करने के साथ उन्हें एक ओटीपी वेरिफिकेशन के साथ आवेदन पंजीकरण नंबर मिल जाएगा। इसी के बाद आवेदन सीधे एसपी के पोर्टल पर ट्रांसफर होगा। वहां से संबंधित पटल पर ट्रांसफर होगा। किस पटल पर कितनी देर आवेदन रहेगा इसकी समय सीमा निर्धारित होगी। समय सीमा निर्धारित होने के बाद एसपी के पोर्टल पर एक ऑटो मैसेज जनरेट होगा। जिससे यह पता चलेगा कि कहां पर आवेदन को होल्ड किया गया है। ऐसे में अनावश्यक रूप से आवेदन रोकने वाले के विरुद्ध कार्रवाई हो सकेगी।
हाईटेक युग में मैनुअल कार्य से पारदर्शिता की उम्मीद करना गलत है। इसलिए सॉफ्टवेयर तैयार किया गया है। इससे कार्यों पर निगरानी व जवाबदेही दोनों सुनिश्चित होगी। कोई भी व्यक्ति अनावश्यक पत्रावलियों को रख नहीं सकता। नए वित्तीय वर्ष से संभव है कि यह प्रणाली लागू हो जाए।
- प्राची सिंह, एसपी