रुपईडीहा (बहराइच)। मधेस आंदोलन की आग फिर सुलगने लगी। मधेसी आंदोलनकारी अपनी मांगो को लेकर पुन: भारत-नेपाल सीमा पर शनिवार सुबह पहुंच गए।
संयुक्त तराई थरुहट अवध संघर्ष समिति के बैनर तले कार्यकर्ताओं ने नोमेंस लैंड पर नारेबाजी कर प्रदर्शन किया। भारत से नेपाल आने वाले वाहनों के प्रवेश पर भी रोक लगा दी।
इसके चलते भारतीय सीमा क्षेत्र में वाहनों की फिर कतारें लग गई हैं। लोगों की परेशानी बढ़ गई है। नेपाल पुलिस ने सीमा पर प्रदर्शन कर रहे चार मधेसी आंदोलनकारियों को मौके से गिरफ्तार भी किया है। जिससे प्रदर्शनकारी और आक्रोशित हैं।
गौरतलब हो कि नेपाल के मैदानी इलाके को अलग मधेश प्रदेश बनाने को लेकर मधेस समुदाय के लोग आंदोलनरत हैं। बीते सप्ताह नेपाल सरकार ने वार्ता कर समस्याओं के समाधान का आश्वासन दिया था।
वार्ता के दौरान मधेसियों की कई मांगे मानी गईं, जिसके तहत मधेस समुदाय को जनसंख्या के आधार पर भागीदारी प्रदान करने तथा सरकारी निकायों में भागीदारी देने पर सहमति बनी है।
लेकिन, प्रदेश का सीमांकन तथा नागरिकता संबंधी बात पर सहमति नेपाल सरकार से नहीं बन पायी है। इससे संघर्ष समिति के कार्यकर्ता पुन: आंदोलित हो उठे हैं।
उसी के तहत शनिवार को सुबह आठ बजे मधेसी आंदोलनकारी संयुक्त तराई थरुहट अवध संघर्ष समिति के बैनर तले भारत नेपाल सीमा पर पहुंच गए। नोमेंस लैंड पर सभी ने नरेबाजी कर धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया है।
नेपाल सीमा पुन: जय मधेस के नारों से गूंज उठी है। नेपाल सरकार का विरोध करते हुए सभी प्रदर्शन कर रहे हैं। भारतीय सीमा से आने वाले वाहनों के नेपाल प्रवेश पर भी प्रतिबंध लगा दिया गया है, जिससे रुपईडीहा-जमुनहा मार्ग पर दोनों तरफ तनाव की स्थिति बन गई है।
नेपाल पुलिस ने प्रदर्शन कर रहे चार मधेसी आंदोलनकारियों को गिरफ्तार किया है। इनमें मोहम्मद अनीस, रामकुमार दीक्षित, गुरुदीन वर्मा व बबलू कुर्मी शामिल हैं।
जबकि अन्य आंदोलनकारी केंद्रीय सदस्य गिरिराज किशोर, कमरुद्दीन राई, पशुपति दयाल मिश्र, ललित रौनियाल, कौशल वर्मा, राजेश मिश्रा, गिरिजा पाठक आदि की अगुवाई में जमे हुए है। इन सभी का कहना है कि पूर्वी क्षेत्रों में संघर्ष निरंतर जारी रहेगा।
एसएसबी सातवीं बटालियन के सहायक सेनानायक अजय यादव ने कहा कि सीमा पर मधेसियों के प्रदर्शन के चलते चौकसी बढ़ा दी गई है। आंदोलनकारियों को भारतीय सीमा में किसी भी प्रकार के आंदोलन पर पूरी तरहसे पाबंदी है।