बहराइच। जिले के प्राथमिक विद्यालयों में तैनात शिक्षामित्र और समायोजित शिक्षकों की भी पंचायत चुनाव में ड्यूटी लगाई गई है लेकिन चुनाव ड्यूटी को लेकर शिक्षामित्र दो धड़ों में बंट गए हैं। शिक्षामित्र शिक्षक कल्याण समिति ने चुनाव ड्यूटी करने की घोषणा की है।
वहीं उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षामित्र संघ के बैनर तले एक गुट ने मंगलवार को बीएसए कार्यालय पर प्रदर्शन कर नारेबाजी करते हुए चुनाव ड्यूटी का बहिष्कार किया। साथ ही चुनाव ड्यूटी का पत्रक बीआरसी पर लौटाने की घोषणा की है।
त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में इस बार समायोजित शिक्षकों और शिक्षामित्रों की भी ड्यूटी लगाई गई है। इन सभी को पीठासीन व द्वितीय पीठासीन अधिकारी बनाया गया है लेकिन न्यायालय का फैसला आने के बाद से शिक्षामित्र नौकरी को लेकर असमंजस में हैं।
सरकार साथ होने की बात तो कह रही है, लेकिन प्रथम चक्र में समायोजित शिक्षकों के वेतन रोकने की अफवाहों के बीच शिक्षामित्र बंट गए हैं। मंगलवार को शिक्षामित्र शिक्षक कल्याण समिति के जिलाध्यक्ष दीनानाथ दीक्षित, मंत्री व प्रवक्ता बलराम बाजपेई की अगुवाई में एक गुट ने चुनाव ड्यूटी के तहत प्रशिक्षण प्राप्त किया।
वहीं उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षामित्र संघ के बैनर तले समायोजित शिक्षक और शिक्षामित्रों ने काफी संख्या में दोपहर में बीएसए कार्यालय का घेराव कर नारेबाजी करते हुए चुनाव ड्यूटी का बहिष्कार किया।
प्रदर्शन की अगुवाई कर रहे संघ के प्रांतीय प्रवक्ता शिवश्याम मिश्र ने कहा कि जब विभाग उन्हें शिक्षक नहीं मानता है तो फिर चुनाव ड्यूटी में क्यों लगाया जा रहा है। प्रदर्शन के दौरान सभी ने एक स्वर से चुनाव ड्यूटी पत्रक बीआरसी केंद्रों पर लौटाने का संकल्प लिया। इसके बाद बीएसए को पत्र भी सौंपा।
इस दौरान कमलेश वर्मा, अवधेश वर्मा, शेषराज तिवारी, अशोक जायसवाल आदि मौजूद रहे। प्रांतीय प्रवक्ता शिवश्याम मिश्र ने बताया कि 400 शिक्षामित्रों ने चुनाव ड्यूटी का बहिष्कार करते हुए मंगलवार को ड्यूटी पत्रक वापस किया।