बहराइच। समायोजन रद्द करने के हाईकोर्ट के फैसले के विरोध में जिले के प्राथमिक विद्यालयों का ताला बुधवार को भी नहीं खुला। जिला मुख्यालय पर शिक्षामित्र संगठनों ने जुलूस निकालकर सड़क जाम कर दिया। बौद्ध परिपथ पर करीब दो घंटे आवागमन बाधित रहा।
प्रदर्शन के दौरान तेज धूप होने से दो महिलाओं समेत पांच शिक्षामित्र सड़क पर ही बेहोश हो गए। उन्हें जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
नारेबाजी-प्रदर्शन करते हुए जुलूस कलेक्ट्रेट पहुंचा, जहां शिक्षामित्रों ने धरना देकर नगर मजिस्ट्रेट को ज्ञापन सौंपा। एनसीटीई पर कोर्ट में गलत हलफानामा पेश करने का आरोप लगाते हुए बहाली की मांग की।
बहराइच के शिक्षामित्रों का प्रदर्शन बुधवार को और उग्र हो गया। सुबह 10 बजे जिले के सभी 14 विकासखंडों के शिक्षामित्र और समायोजित शिक्षक जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय परिसर में इकट्ठा हुए। यहां सभी ने उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षामित्र संघ के प्रांतीय प्रवक्ता शिवश्याम मिश्र की अगुवाई में नारेबाजी करते हुए जुलूस निकाला।
यह जुलूस बीएसए कार्यालय से कलेक्ट्रेट पहुंचने के दौरान डिगिहा तिराहा, अस्पताल गेट, अस्पताल चौराहा, पानी टंकी चौराहा, डीएम चौराहा पर आधे-आधे घंटे के लिए रुका, जिसके चलते डिगिहा तिराहा-कलेक्ट्रेट के बीच बौद्ध परिपथ पर करीब दो घंटे तक जाम लगा रहा। जिला अस्पताल के सामने प्रदर्शन करते हुए शिक्षामित्र सड़कों पर लेट गए।
चिलचिलाती धूप के बीच नारेबाजी और प्रदर्शन के दौरान जिला अस्पताल के निकट गायघाट मोतीपुर निवासी सुमन रस्तोगी (30), बालासराय हरदी निवासी पूनम कुमारी (35), बलहा निवासी प्रेमचंद्र (34), नानपारा निवासी राघवेंद्र प्रताप सिंह बेहोश हो गए।
बेहोश शिक्षामित्रों को तत्काल जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। वहां से शिक्षामित्र जब इंदिरा गांधी स्टेडियम के पास पहुंचे, तभी संगठन के मीडिया प्रभारी दुर्गेश चंद्र श्रीवास्तव भी गश खाकर गिर पड़े। उन्हें भी जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। नारेबाजी और प्रदर्शन करते हुए शिक्षामित्र कलेक्ट्रेट पहुंचे। इस दौरान शहर की यातायात व्यवस्था चरमराई रही।
भारी वाहनों को जेलरोड पुलिस लाइन होते हुए गोंडा और बलरामपुर की ओर रवाना किया गया। कलेक्ट्रेट में शिक्षामित्रों ने धरना दिया। प्रांतीय प्रवक्ता शिवश्याम मिश्र ने कहा कि शिक्षामित्र 16 वर्षों से प्राथमिक शिक्षा व्यवस्था में सेवाएं दे रहे हैं।
शिक्षा व्यवस्था को सभी ने सुधारा है। इसके बावजूद एनसीटीई ने शिक्षामित्रों के साथ धोखा किया है। गलत हलफनामा कोर्ट में पेश कर दिया है, जबकि उत्तराखंड, महाराष्ट्र और मध्यप्रदेश में शिक्षामित्रों को एनसीटीई में टीटीई परीक्षा से छूट दे रखी है।
धरने के बाद प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन नगर मजिस्ट्रेट को सौंपा गया। इस दौरान कमलेश वर्मा, अनिल सिंह, अवधेश वर्मा, सरफुद्दीन खां, शेषराज तिवार, दिनेश गौतम, धर्मराज जायसवाल, अशोक जायसवाल, राहुल पांडेय समेत सैकड़ों शिक्षामित्र मौजूद रहे।
उधर, आदर्श शिक्षामित्र वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष विनम्र कुमार मिश्र और महामंत्री संतोष कुमार मिश्र की अगुवाई में शिक्षामित्रों ने कलेक्ट्रेट में धरना देकर नगर मजिस्ट्रेट को ज्ञापन सौंपा। सभी ने तत्काल बहाली की मांग की। इस दौरान मोहम्मद आसिम अंसारी, फजलुर्रहमान, अरुण यादव, अविनाश पाठक समेत काफी संख्या में शिक्षामित्र मौजूद रहे।
प्राथमिक शिक्षक संघ ने मानव संसाधन मंत्री को भेजा पत्र
उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के कार्यवाहक अध्यक्ष आनंद कुमार पाठक और मंत्री विजय कुमार उपाध्याय ने शिक्षामित्रों के समायोजन बहाली की मांग की। इस मामले में मुख्यमंत्री, प्रधानमंत्री और मानव संसाधन विकास मंत्री को पत्र भेजा गया है। उन्होंने कहा कि 17 सितंबर को प्रांतीय कार्यकारिणी की बैठक में पूरे मामले पर चर्चा होगी। इसके बाद संगठन शिक्षामित्रों के समर्थन में कार्रवाई करेगा। इस दौरान बृजेश तिवारी, सईद, आनंद मोहन, आशाराम, मोहम्मद अदीब, बृजेश गुप्ता समेत काफी संख्या में शिक्षक मौजूद रहे।
बनारस रवाना हुए शिक्षामित्र
समायोजित शिक्षक शिक्षामित्र मंच के प्रांतीय अध्यक्ष दीनानाथ दीक्षित और मंत्री पुंडरीक पांडेय की अगुवाई में एक हजार से अधिक शिक्षामित्र रात में ट्रेन से बनारस के लिए रवाना हुए। अध्यक्ष दीनानाथ ने कहा कि बनारस में प्रधानमंत्री से मिलकर एनसीटीई के कृत्यों को बयां किया जाएगा। समायोजन के बहाली पर चर्चा होगी।