पयागपुर (बहराइच)। पयागपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर तैनात कर्मियों ने शुक्रवार को कनिष्ठ लिपिक सुरेश चंद्र के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। कर्मचारी धरने पर बैठ गए, जिस कारण रोगियों को इलाज कराने में काफी दिक्कत हुई।
सूचना पर एसीएमओ ने सीएचसी का दौरा किया और सीएमओ को मामले से अवगत कराया। सीएमओ ने आरोपी लिपिक के स्थानांतरण का आश्वासन दिया है।
कर्मियों ने चेतावनी दी हा कि यदि 16 जनवरी तक लिपिक को नहीं हटाया गया तो स्वास्थ्य सेवाओं के साथ राष्ट्रीय कार्यक्रमों का बहिष्कार किया जाएगा। कर्मचारियाें ने सीएमओ को संबोधित एसीएमओ को ज्ञापन सौंपा है।
सीएमओ कार्यालय में तैनात कनिष्ठ लिपिक सुरेश चंद्र के पास पयागपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के लेखा/स्थापना का अतिरिक्त प्रभार है लेकिन सुरेश चंद्र की पयागपुर सीएचसी पर उपस्थित कम रहती है।
इस कारण केंद्र प्रभारी के निर्देश पर ओम प्रकाश द्वारा सभी कार्य संपादित किया जाता है। हाल ही में सुरेश चंद्र ने वार्ड बॉय राना प्रताप सहित कई अन्य का अनुचित तरीके से स्थानांतरण कर दिया था।
इस पर चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियां ने धरना-प्रदर्शन किया। आखिरकार सीएमओ ने स्थानांतरण का आदेश वापस लिया और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के डीलिंग का प्रभार भी सुरेश चंद्र के पास से छीना।
सुरेश चंद्र के कार्य व्यवहार से एएनएम, आशा व अन्य कर्मियों में आक्रोश है। दिसंबर के अंतिम सप्ताह में कर्मियों ने धरना प्रदर्शन कर सुरेश चंद्र को हटाने की मांग की थी लेकिन सीएमओ ने नहीं सुनी।
आखिरकार शुक्रवार को कर्मचारी लामबंद हो गए। सीएचसी परिसर में धरने पर बैठ गए। कुछ देर बाद एसीएमओ डॉ. ओपी पांडेय ने सीएचसी का दौरा किया। यहां एसीएमओ को भी कर्मियाें के गुस्से का सामना करना पड़ा।
शाहजहांपुर गए सीएमओ डॉ. केबी जैन से एसीएमओ डॉ. ओपी पांडेय ने फोन पर वार्ता कर आरोपी लिपिक सुरेश चंद्र को हटाने का आश्वासन दिया तो कर्मियों ने एक दिन का अल्टीमेटम दे दिया।
इस अवसर पर अधीक्षक डॉ एनबी जायसवाल, स्वास्थ्य शिक्षा एवं सूचना अधिकारी सुनील सिंह, स्वास्थ्य पर्यवेक्षक रमेश राव, लिपिक पवन कुमार, प्रदीप पांडेय समेत तमाम लोग थे।