बहराइच। कृषि विभाग की ओर से अब किसानों की फसल का डिजिटल तरीके से सर्वे कराने का काम शुरू हो रहा है। इसके पीछे मंशा है कि कागजों में जो रिपोर्ट तैयार की जाती है, उसकी जमीनी हकीकत कैसी है। शासन से यह आदेश जारी किया गया है। इसके लिए डीएम की अध्यक्षता में एक टीम का गठन किया गया है। सर्वे होने वाले दस गांव भी चिन्हित किए गए हैं।
भारत सरकार द्वारा केंद्र पोषित डिजिटल मिशन आफ एग्रीकल्चर घटक के तहत प्रदेश में उगाई जाने वाली फसलों के रियल टाइम सर्वेक्षण के लिए काम शुरू किया जा रहा है। एग्रीस्टैक परियोजना के तहत जिओ -रेफरेंस आधारित फसल की फाेटो के साथ डिजिटल क्राॅप सर्वे कार्यक्रम चलाया जाएगा। खरीफ की फसल का सर्वेक्षण कर इसे पायलेट प्रोजेक्ट के रूप में शुरू किया जा रहा है।
इससे किसानों को जो सुविधाएं देनी हैं, उनमें विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ, बैंक द्वारा फसली ऋण का सत्यापन, फसल बीमा प्रस्ताव का सत्यापन, न्यूनतम समर्थन मूल्य पर कृषि उत्पादन की खरीद, कृषि इनपुट सप्लायर के साथ किसानों को जोड़ने का अवसर देने समेत अन्य काम हो सकेंगे।
इन गांवों में होगा सर्वे
डीएम मोनिका रानी की अध्यक्षता में डिजिटल सर्वे करने वाली टीम का गठन हुआ है। उप कृषि निदेशक टीपी शाही की देखरेख में यह काम होगा। इसके लिए जिले के जो दस गांव चयनित हुए है। इनमें लखैयाजदीद, बरईया, मलूकपुर, महमूदपुर, निपनिया, कुरसहा, टेपराहाचक, सिलेटनगंज, परसाअगैया व बमनियावांफाटा शामिल हैं।
एग्रीस्टैक परियोजना के तहत जिले के दस गांव के किसानों की फसल का डिजिटल सर्वे होगा। डीएम की अध्यक्षता में इसके लिए टीम का गठन किया गया है। जल्द ही सर्वे का कार्य शुरू कराया जाएगा।
टीपी शाही, उप कृषि निदेशक, बहराइच