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Bahraich News: रोगों से बचाव के लिए दस्त नियंत्रण पखवाड़ा शुरू

Wed, 07 Jun 2023 10:55 PM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बहराइच
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बहराइच। जिले में पांच वर्ष से कम उम्र के बच्चों में दस्त रोग की रोकथाम के लिए सघन दस्त नियंत्रण पखवाड़े के साथ ही एक कदम सुपोषण की ओर अभियान की शुरुआत बुधवार को की गई। कार्यक्रम के तहत पांच वर्ष से कम उम्र के बच्चों में दस्त रोग का प्रबंधन व इलाज ओआरएस व जिंक की गोली से किया जाएगा। एक कदम सुपोषण की ओर अभियान में गर्भवती, धात्री व कुपोषित बच्चों को आयरन व मल्टीविटामिन दवाएं दी जाएंगी।
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यह बातें बुधवार को सीएमओ सभागार में आयोजित मीडिया कार्यशाला के दौरान मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. सतीश कुमार सिंह ने कही। उन्होंने बताया कि दस्त रोग का प्रमुख कारण पेयजल, स्वच्छता व शौचालय का अभाव पांच वर्ष तक के बच्चों का कुपोषित होना है। इसकी गंभीरता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि पांच वर्ष से कम आयु के बच्चों में लगभग 5-7 प्रतिशत मृत्यु दस्त के कारण होती है। प्रदेश में प्रति वर्ष लगभग 16 हजार बच्चे दस्त के कारण काल के गाल में समा जाते हैं।
दस्त रोग का इलाज ओआरएस व जिंक की गोली से कर बाल मृत्यु दर में कमी लाई जा सकती है। इसके लिए जिले में सघन दस्त नियंत्रण पखवाड़े की शुरुआत की गयी है। पखवाड़े के दौरान आशा कार्यकर्ता पांच वर्ष से कम उम्र के बच्चों को एक पैकेट प्रति बच्चा ओआरएस पैकेट वितरित करेंगी। वहीं दस्त रोग से ग्रसित बच्चों को ओआरएस के दो पैकेट व जिंक की 14 गोलीय दी जाएंगी। गंभीर बच्चों को इलाज के लिए नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र भेजा जाएगा। यह पखवाड़ा 22 जून तक मनाया जाएगा।
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अतिकुपोषित बच्चों में ज्यादा संभावना
जिला स्वास्थ्य सूचना अधिकारी बृजेश सिंह ने बताया कि कुपोषित व अतिकुपोषित बच्चों में दस्त रोग होने की संभावना अधिक हो सकती है। बार बार दस्त रोग होने के कारण बच्चे कुपोषित हो सकते हैं। ऐसे में दस्त रोग की रोकथाम के लिए अभियान के दौरान कुपोषित बच्चों पर अधिक ध्यान दिया जाएगा। अति कुपोषित बच्चों को चिन्हित कर एनआरसी रेफर किया जाएगा।

गर्भवती महिलाओं को दी जाएगी आयरन फोलिक एसिड
नोडल अधिकारी व एसीएमओ डॉ. राजेश कुमार ने बताया कि एक कदम सुपोषण की ओर अभियान के तहत प्रत्येक गर्भवती व धात्री को फोलिक एसिड, आयरन फोलिक एसिड, कैल्शियम एवं एल्बेन्डाजॉल एवं प्रत्येक सैम बच्चों तक अमोक्सीसीलीन, फॉलिक एसिड, आईएफए सीरप, एल्बेन्डाजॉल, विटामिन-ए एवं मल्टीविटामिन की उपलब्धता व सेवन शत प्रतिशत सुनिश्चित किया जाएगा। यह अभियान 6 जुलाई तक चलेगा। इस मौके पर डीपीएम सरजू खान, जिला सलाहकार राष्ट्रीय किशोर स्वास्थ्य के राकेश गुप्ता, बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम से गोविंद रावत, यूपी टीएसयू से रामबरन यादव मौजूद रहे।
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इनमें से दो या अधिक लक्षण होने पर ले जाएं अस्पताल
- बच्चा सुस्त या बेहोश हो, आंखें धंसी हों
- कुछ भी पीने या स्तनपान करने में कठिनाई हो
- पेट की त्वचा चुटकी भरने पर बहुत धीरे वापस आती हो
- मल में खून आता हो, बच्चा अतिकुपोषित हो
बच्चों को दस्त आने पर बरतें सावधानी
- दस्त के दौरान बच्चों को तरल पदार्थ अवश्य दें
- पीने के लिए स्वच्छ पेयजल का उपयोग करें
- डायरिया फैलने से रोकने के लिए शौचालय का उपयोग करें
- खाना बनाने से पहले व बच्चों को शौच कराने के बाद साबुन से हाथ धोएं
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