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आग लगे तो डायल करें 101, घायल होने पर 102

Tue, 10 Nov 2015 10:04 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो/बहराइच
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बहराइच (ब्यूरो)। दीपावली की खुशियां बरकरार रखने के लिए आज पटाखे जलाते सावधानी बरतें। जरा सी चूक जिंदगी पर भारी पड़ सकती है।
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इसलिए स्वास्थ्य महकमे और अग्निशमन विभाग ने दीपावली के मद्देनजर विशेष इंतजाम किए हैं। किसी भी प्रकार का हादसा हो तो तत्काल एंबुलेंस के लिए 102 और 108 नंबर डायल करें।

इस मौके पर अग्निशमन विभाग भी मुस्तैद है। मदद के लिए 101 नंबर डायल करें।

इनसे लेंगे सहयोग

प्रभारी चंद्रप्रकाश द्विवेदी ने बताया कि सात वाहन हैं। इनमें चार टैंकर व तीन बोलेरो दमकल जिला मुख्यालय पर हैं। जबकि एक टैंकर व तीन अग्निशमनकर्मी की ड्यूटी नानपारा तहसील में लगाई गई है। कैसरगंज या महसी क्षेत्र में वारदात होने पर बहराइच से मदद दी जाएगी।
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तत्काल भेजेंगे मदद

प्रभारी अग्निशमन अधिकारी सीपी द्विवेदी ने बताया कि अगर अग्निकांड जैसी वारदातें सामने आती हैं तो तत्काल बेसिक नंबर 05252-232111 और टोल फ्री नंबर 101 पर काल करें। तत्काल मदद मुहैया होगी।

गेंदघर मैदान में मुस्तैद दमकल वाहन

गेंदघर मैदान में लगे पटाखे बाजार में हादसे से निपटने के लिए अग्निशमन विभाग तैनात है। प्रभारी अग्निशमन अधिकारी चंद्रप्रकाश द्विवेदी ने बताया कि पटाखा बाजार में सभी दुकानों के सामने एक ड्रम पानी और बालू की व्यवस्था करवाई गई है। इसके अलावा चार अग्निशमन कर्मी और एक दमकल वाहन 24 घंटे मुस्तैद किया गया है।

छोटे बच्चों को पटाखों से दूर रखें

वरिष्ठ बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. महेश अग्रवाल ने बताया कि पटाखे जलाते समय छोटे बच्चों को उस स्थान से कम से कम 5 मीटर दूर रखें।

क्योंकि, पटाखों के बारूद के धुएं के संपर्क में आने पर बच्चों के शरीर पर दाने निकल सकते हैं, आंखों में जलन की शिकायत भी हो सकती है। यदि ऐसा कोई लक्षण नजर आए तो शीघ्र ही चिकित्सक की मदद लें।

हृदय रोगी बरतें सावधानी

जिला चिकित्सालय के हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. मलय श्रीवास्तव का कहना है कि हृदय रोगियों को पटाखे जलते समय सावधानी बरतनी होगी।

जो दिल की धड़कन व एंजाइना के रोगी हों, या जिन्हें पूर्व में हार्ट अटैक हो चुका हो उन्हें विशेषतौर पर सजग रहना होगा क्योंकि पटाखों के फटने पर दिल की धड़कन तेज होती है धमनियां सिकुड़ती हैं।

ऐसे में दिल के रोगियों को दिक्कत हो सकती है। इसके अलावा दमा के रोगियों को पटाखे के धुएं से परहेज करने की आवश्यकता है क्योंकि सांस फूलने की समस्या बढ़ सकती है।
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इमरजेंसी के लिए अस्पताल प्रशासन तैयार

आग लगने की घटनाओं या पटाखे से घायल घायल होकर अस्पताल पहुंचने की आशंकाओं के चलते अस्पताल प्रशासन ने भी व्यापक तैयारियां कर ली है।

मुख्य चिकिसाधीक्षक डॉ. माहेश्वरी पांडेय ने बताया कि अतिरिक्त 20 बेड का इंतजाम किया गया है। 6 विशेषज्ञ चिकित्सक विशेष परिस्थिति के लिए ड्यूटी पर मुस्तैद किए गए हैं।

उन्होंने कहा कि अगर अग्निकांड या जलने की घटना होती है तो पीड़ित को तत्काल इलाज मुहैया कराया जाएगा।


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