कलेक्ट्रेट में धरने पर बैठे मिहींपुरवा के ग्राम बखारी से आए ग्रामीण।
बहराइच। कलेक्ट्रेट स्थित धरना स्थल पर बृहस्पतिवार से मिहींपुरवा विकास खंड के ग्राम पंचायत बखारी, सर्राकला के ग्रामीणों ने धरना शुरू कर दिया। ग्रामीणों ने प्रशासन पर न्यायालय के आदेशों के बावजूद पट्टेदारों को भूमि पर कब्जा न दिलाने का आरोप लगाते हुए जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा और शीघ्र कार्रवाई की मांग की।
ग्रामीणों का कहना है कि वर्ष 2003 में लगभग 318 एकड़ सीलिंग की भूमि को पात्र गरीब परिवारों के लिए आवंटित किया गया था। इस भूमि को लेकर विभिन्न स्तरों पर कानूनी विवाद चलता रहा, जिसके कारण पट्टेदारों को वर्षों तक भूमि का वास्तविक कब्जा नहीं मिल सका। ग्रामीणों ने बताया कि मामले में दाखिल याचिकाओं को उच्च न्यायालय ने 9 जनवरी 2026 को खारिज कर दिया था। इसके बाद सर्वोच्च न्यायालय में दायर विशेष अनुमति याचिकाएं भी 10 अप्रैल 2026 को निरस्त हो चुकी हैं।
धरने पर बैठे ग्रामीणों ने कहा कि न्यायालयों से फैसला उनके पक्ष में आने के बाद भी उन्हें भूमि पर कब्जा नहीं दिलाया गया है। कई बार तहसील दिवस और जिला प्रशासन के समक्ष प्रार्थना पत्र देने के बावजूद समस्या का समाधान नहीं हो सका। इससे गरीब अनुसूचित जाति और पिछड़े वर्ग के पट्टेदारों में नाराजगी बढ़ रही है। ग्रामीणों ने जिलाधिकारी से मांग की है कि नक्शा और रकबा के अनुसार मौके पर कब्जा और दखल दिलाने के लिए तत्काल आदेश जारी किए जाएं। धरने में शिव प्रसाद, राम प्रसाद, जवाहर लाल, राम दुलारे सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण और पट्टेदार मौजूद रहे।