नानपारा (बहरइाच)। भादौ मेला एवं उत्सव पर्व पर नगर के स्टेशन रोड पर स्थित श्री श्याम प्रभु एवं दादी राणी सती मंदिर से दादी मां के भक्तों ने भव्य कलश यात्रा एवं निशान उत्सव यात्रा निकाली। कलश यात्रा नगर भ्रमण के बाद विश्वनाथ मंदिर पहुंची। श्री राणी सती दादी के चरणों में कलश अर्पित कर समाप्त हुई।
नानपारा के स्टेशन रोड स्थित श्री श्याम प्रभु व दादी राणी सती मंदिर से कलश यात्रा व निशान यात्रा निकाली गई। यात्रा के दौरान भजनों की वर्षा हुई। जिसमें बहुत परीक्षा ली मेरी मैया और परीक्षा ना लेना दादी धीरज छूट रहा अब तो दर्शन दे देना ऐसे भावों के साथ दादी राणी सती को समर्पित अपने भावों के साथ श्री श्याम प्रभु एवं दादी राणी सती मंदिर से महिलाओं ने भादौ मेला उत्सव पर मंदिर परिसर से भव्य कलश एवं निशान यात्रा निकाली।
राजस्थानी परिवेश में महिलाएं चुनरी ओढ़े दादी मां का कलश हाथों में लिए राणी दादी सती के जयकारे लगाते हुए भजनों की धुन पर थिरकते नाचते गाते यात्रा में चल रही थी। यात्रा विश्वनाथ मंदिर परिसर पहुंचकर दादी मां के कलश को स्पर्श कर पुन: श्री राणी सती दादी मंदिर पहुंचकर दादी सती राणी के चरणों में कलश अर्पित किए।
भजन गायिका कल्पना जायसवाल व माही पोरवाल ने कलश यात्रा में भजनों की ऐसी जुगलबंदी से भजनों से अपने भावों को प्रकट करते हुए गाया। मेरा दिल अटका क्यों दादी पर मैं जानूं या वो जाने तथा झुझुन के सेठानी आदि भजनों पर महिलाएं थिरकते हुए दादी मां के जयकारे लगाते हुए चल रही थंी।
बच्चे हाथों में जय श्री राणी सती दादी की पताका लिए साथ साथ चल रहे थे। मंदिर कमेटी के महामंत्री रामस्वरूप टेकड़ीवाल ने बताया कि राणी सती दादी के दरबार का विभिन्न प्रकार के फूलों से अलौकिक श्रंगार किया जो सभी के मन को मोह रहा था।
इस मौके पर महिला मंडल की ऊषा सिंघानिया, कनक टेकड़ीवाल, मंजू छापड़िया, प्रीति टेकड़ीवाल, संगीता डालमिया, प्रीति अग्रवाल, अंजू पोद्दार, मंदिर समिति के मदन गोयल, राजेंद्र प्रसाद मनीरामका, सुरेश गोयल, प्रतीक टेकड़ीवाल, पुलकित अग्रवाल आदि मौजूद रहे।