प्रसव के लिए गुरुवार को जिला महिला अस्पताल ले जाई गई गर्भवती ने गेट पर एंबुलेंस में ही बच्चे को जन्म दिया। इसके बाद जच्चा-बच्चा को अस्पताल के अंदर ले जाने लिए स्ट्रेचर तक नहीं मिल पाई। परिवारीजनों के गिड़गिड़ाने पर एंबुलेंस चालक ने स्ट्रेचर खराब हो जाने की बात कहकर मना कर दिया।
इस पर परिवार के सदस्यों ने जच्चा-बच्चा को गोद में उठाकर प्रसव कक्ष तक पहुंचाया। इससे क्षुब्ध परिवारीजनों ने सीएमओ से शिकायत की है। श्रावस्ती जनपद में सोनवा कटरा बहादुरगंज निवासी कल्पना देवी (20) पत्नी गोबरे को गुरुवार दोपहर प्रसव पीड़ा हुई। परिवारीजनों ने कल्पना को सोनवा में स्वास्थ्य केंद्र ले गए।
वहां मौजूद चिकित्साकर्मियों ने कल्पना को जिला महिला अस्पताल बहराइच ले जाने की बात कही। इस पर एंबुलेंस से कल्पना को बहराइच ले जाया गया। जिला महिला अस्पताल के गेट पर पहुंचने पर कल्पना का प्रसव हो गया। उसने बेटे को जन्म दिया। इससे परिवारीजन व साथ में मौजूद आशा अनीता सकते में आ गई।
उन्होंने चालक से एंबुलेंस में मौजूद स्ट्रेचर से जच्चा-बच्चा को प्रसव कक्ष तक पहुंचाने की बात कही। चालक ने स्ट्रेचर देने से इंकार कर दिया। उसने कहा कि प्रसव के चलते स्ट्रेचर खराब हो जाएगा। पति के गिड़गिड़ाने पर भी स्ट्रेचर नहीं मिली। मजबूरन परिवारीजन प्रसूता को गोद में उठाकर प्रसव कक्ष तक ले गए।
उनके साथ में मौजूद आशा ने नवजात को संभाला। हालांकि चिकित्सीय परीक्षण और उपचार के बाद जच्चा और बच्चा स्वस्थ हैं। इस मामले में महिला के पति गोबरे ने सीएमओ से शिकायत की है। मुख्य चिकित्साधिकारी अरुण लाल का कहना है कि मामले की जांच कर कार्रवाई करेंगे।