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गिरिजापुरी बैराज के गेट पर मृत मिली डॉल्फिन

Sat, 03 Oct 2015 10:11 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो/बहराइच
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बहराइच/बिछिया (ब्यूरो)। गेरुआ और कौड़ियाला नदियों के संगम पर स्थित चौधरी चरण सिंह गिरिजापुरी बैराज के गेट पर शनिवार शाम एक डॉल्फिन मृत मिली। वनाधिकारियों ने कड़ी मशक्कत कर डॉल्फिन के शव को बैराज से निकलवाया। शव के पोस्टमार्टम के लिए तीन डॉक्टरों का पैनल गठित किया गया है। डीएफओ, डॉल्फिन के स्वाभाविक मौत की आशंका जता रहे हैं।  
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गौरतलब है कि कतर्नियाघाट संरक्षित वन क्षेत्र के गेरुआ और कौड़ियाला नदियों में डॉल्फिन का प्रवास होता है। दोनों नदियों में लगभग 60 डॉल्फिन जलविहार करती हैं और इनमें शिकार पर प्रतिबंध है। नेपाल की इन दो नदियों का संगम बहराइच-लखीमपुर की सीमा पर स्थित चौधरी चरण सिंह गिरिजापुरी बैराज पर होता है।

शनिवार शाम पांच बजे के आसपास बैराज के कर्मचारी बैराज गेट का निरीक्षण कर रहे थे। इसी दौरान गेट नंबर आठ पर विशालकाय जीव फंसा दिखा। पानी में डूबने के चलते उसका शरीर काफी फूला हुआ था। पहले तो बैराज कर्मियों को किसी मृत मवेशी का शव फंसा होने की आशंका हुई लेकिन जब वे मौके पर पहुंचे तो शव डाल्फिन का मिला।
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तत्काल कतर्नियाघाट संरक्षित वन क्षेत्र के प्रभागीय वनाधिकारी आशीष तिवारी को सूचना दी गई। डीएफओ कतर्नियाघाट, सुजौली व निशानगाड़ा की टीम के साथ मौके पर पहुंचे। गेट खुलवाकर डॉल्फिन को तटबंध की ओर ले जाकर ग्रामीणों की मदद से किसी तरह देर शाम बाहर निकाला गया।

डीएफओ बोले, मृत डॉल्फिन काफी विशालकाय है। लग रहा है कि उसकी स्वाभाविक मौत हुई है। उन्होंने कहा, सूचना उच्चाधिकारियों को दी गई है। शव के पोस्टमार्टम के लिए सीवीओ को पत्र लिखा है। तीन डॉक्टरों का पैनल रविवार को डॉल्फिन का पोस्टमार्टम करेगा। इसके बाद मौत के कारणों का पता चल सकेगा।

दुरुस्त है खाल चोट भी नहीं है
डीएफओ आशीष तिवारी ने कहा, डॉल्फिन का शव काफी फूला है, जिससे यह स्पष्ट नहीं हो पा रहा है कि वह नर है या मादा। उन्होंने बताया कि डॉल्फिन का शिकार उसकी चर्बी निकालने के लिए होता हैै लेकिन मृत डॉल्फिन की खाल सुरक्षित है। इससे लग रहा है कि उसका शिकार नहीं किया गया है।
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