जरवलरोड(बहराइच)। एक ही गांव निवासी दो दोस्त बीते 10 नवंबर को संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हो गए थे। सोमवार को दोनों के शव गांव के पास स्थित तालाब में उतराते मिले। पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए दोनों मृतकों के परिजन हाईवे पर आ गए और रास्ता जाम कर दिया।
जरवलरोड थाना क्षेत्र के ग्राम पंचायत मुस्तफाबाद के मजरा चुरईपुरवा निवासी महेश (35) बीते 10 नवंबर को गांव निवासी राजू (23) के घर मजदूरी करने गया था। जहां से संदिग्ध परिस्थितियों में दोनों दोस्त गायब हो गए थे। दोनों के परिजन उनकी तलाश कर रहे थे। परिजनों ने थाने पर तहरीर देकर पुलिस से भी मदद की गुहार लगाई थी। आरोप है जरवलरोड पुलिस लापरवाह बनी रही और परिजनों से स्वयं ढूंढ़ने के लिए कहकर वापस कर दिया।
इसी बीच सोमवार को थाना क्षेत्र के रिठौढा में लखनऊ- बहराइच हाईवे किनारे स्थित लोहिया तालाब में दोनों के शव उतराते मिले। एक साथ दो-दो शव मिलने से गांव में हड़कंप मच गया। दो-दो मर्डर की आशंका से पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई। रोते बिलखते परिजन घटना स्थल पर पहुंचे।
इस दौरान पुलिस के खिलाफ परिजनों का गुस्सा भी फूट पड़ा। रोते बिलखते परिजनों ने पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए लखनऊ-बहराइच हाईवे जाम कर दिया। थाना प्रभारी दद्दन सिंह ने बताया की शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। जांच की जा रही है, पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
शरीर पर चोट के निशान देख जताई हत्या की आशंका
हाइवे पर बिलख रहे परिजनों ने आरोप लगाया की शवों पर चोट के निशान हैं। पोस्टमार्टम करवाने आए मृतक महेश के भाई राजेश ने आरोप लगाते हुए बताया कि महेश के सिर पर शरीर पर चोट के निशान हैं जो हत्या की ओर इशारा कर रहे हैं। राजेश ने पुलिस पर आरोप लगाया कि अगर समय पर थाना प्रभारी ने संज्ञान लिया होता तो उनका भाई जीवित होता।
वहीं मृतक राजू के चाचा अनिल वर्मा ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद कार्रवाई न होने पर प्रदर्शन किया जाएगा। दो-दो मौतों से गांव में तनाव की स्थिति बनी हुई है।