महसी (बहराइच)। इमामगंज रजबहा नहर सोमवार को पानी के अधिक दबाव के कारण रमपुरवा और पन्नहा गांव के पास दो स्थानों पर कट गई। इसके चलते 500 बीघा से अधिक धान और गन्ने की फसल पूरी तरह जलमग्न हो गई है। नहर के किनारे बसे पांच ग्रामीणों के घरों में भी पानी घुस गया है।
एसडीएम ने एक्सईएन को कटी नहर दुरुस्त कराने के निर्देश दिए हैं लेकिन देर शाम तक कोई भी कर्मचारी मौके पर नहीं पहुंचा। खेतों में जलभराव से फसलों के सड़ने की आशंका बढ़ गई है।
सरयू की इमामगंज रजबहा नहर महसी तहसील के रमपुरवा गांव से होते हुए कैसरगंज की ओर जाती है। अभी तक नहर सूखी थी लेकिन दो दिन पहले अचानक पानी छोड़ दिया गया।
साफ-सफाई न होने और पानी के तेज दबाव के चलते नहर रमपुरवा और पन्नहा गांव के पास सोमवार सुबह अचानक कट गई। नहर का पानी गन्ना, धान और मक्का के खेतों में भर गया है। 500 बीघा से अधिक की खेती पूरी तरह जलमग्न हो गई है।
रमपुरवा निवासी रामचंदर, बृजेश कुमार, सुनील अवस्थी, संतोष शरत चंद्र, सुबेदार, ननकऊ, अशर्फी लाल, जानकी प्रसाद, सुरेंद्र शुक्ला, रामादेवी, सरयू प्रसाद आदि ने बताया कि धान, गन्ना और मक्के के खेतों में अगर पानी तीन से चार दिन तक रुका रहा तो फसल पूरी तरह से सड़ जाएगी।
उधर, नहर के किनारे बसे लालता प्रसाद, झगरू, दिनेश कुमार, कैलाश और जयंती के घरों में भी पानी भरने से अफरा तफरी की स्थिति बनी हुई है। उपजिलाधिकारी सीपी तिवारी ने बताया कि नहर कटने से खेत और घरों के जलमग्न होने की सूचना मिली थी। इस मामले में सरयू ड्रेनेज खंड के अधिशासी अभियंता एके सिंह को सूचना दी गई है। कटी नहर को दुरुस्त करवाने के निर्देश दिए गए है।