ककरहा रेंज क्षेत्र में बिचपरी स्थित नहर सरयू पुल के पास शनिवार रात पहुंचे एक कुत्ते को मगरमच्छ ने निगल लिया। इसके बाद मगरमच्छ बेहोश हो गया। ग्रामीणों की सूचना पर पहुंचे वनकर्मियों ने जांच की लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। शव को रात में ही रेंज कार्यालय ले जाया गया। तीन डॉक्टरों के पैनल ने रविवार भोर में मगरमच्छ का पोस्टमार्टम किया। डॉक्टरों के अनुसार श्वांस नली अवरुद्ध होने के चलते मगरमच्छ की मौत हुई है।
कतर्नियाघाट रेंज क्षेत्र में बहने वाली नदियाें के अलावा नाले व तालाबों में भी मगरमच्छ पाये जाते हैं। शनिवार रात को ककरहा रेंज में बिचपरी गांव के निकट से होकर गुजरी सरयू नहर पुल के निकट एक कुत्ता पानी पीने पहुंचा था जहां मौजूद मगरमच्छ ने उसे निगल लिया। रात को खेत से लौट रहे ग्रामीणों ने नहर तट पर मगर को बेदम पड़े देखा तो तत्काल रेंज कार्यालय को सूचना दी।
ककरहा के वन क्षेत्राधिकारी विकास अस्थाना, मोतीपुर के रेंजर खुर्शीद आलम, वन दरोगा राजकुमार, वन रक्षक शिवकुमार व अन्य वनकर्मी मौके पर पहुंचे। परीक्षण के दौरान मगरमच्छ के मृत होने का पता चला। रात में ही मगरमच्छ के शव को रेंज कार्यालय ले जाया गया। अधिकारियों ने डॉक्टरों का पैनल गठित किया।
रविवार भोर में सुजौली के पशु चिकित्सक डॉ. अमर कटियार, गायघाट के डॉ. सोनवाली व मोतीपुर के डॉ. विनोद भार्गव ने रेंज कार्यालय में मगरमच्छ का पोस्टमार्टम किया। बताया कि कुत्ते को निगलने के कारण मगरमच्छ की श्वांस नली अवरुद्ध हो गई थी। इसके चलते उसकी मौत हो गई। मगरमच्छ के शव को रेंज कार्यालय परिसर में दफन कर दिया गया।