रुपईडीहा (बहराइच)। नेपाल का मधेेसी आंदोलन थमने का नाम नहीं ले रहा है। नेपाल में पेट्रोलियम पदार्थों और आवश्यक खाद्य वस्तुओं की कमी को देखते हुए नेपाल-भारत सद्भावना मैत्री संघ के पदाधिकारियों ने एसएसबी अधिकारियों से मुलाकात की।
वाहनों को नेपाल भेजे जाने का अनुरोध किया गया। उधर, मधेशी सीमा पर सैकड़ों की तादाद में प्रदर्शनकारी एकत्र हैं। सभी ने मांगे पूरी नहीं होने तक वाहनों को भेजे जाने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी दी है। इससे सीमा पर हालात काफी नाजुक बने हुए हैं।
नेपाल-भारत मैत्री संघ ने शनिवार को एसएसबी सी कंपनी के डिप्टी कमांडेंट जयप्रकाश से मुलाकात की। इसमें संघ के अध्यक्ष श्रीकृष्ण प्रसाद श्रेष्ठ, नेपाल पत्रकार महासंघ के अध्यक्ष रुद्र सुबेदी, व्यापार संघ के उपाध्यक्ष कपिल अधिकारी आदि शामिल रहे। सभी ने वाहनों को नेपाल भेजे जाने का अनुरोध किया।
एसएसबी ने वाहनों की नेपाल में सुरक्षा प्रदान नहीं किए जाने तक किसी भी वाहन को भेजने में असमर्थता जताई है। उधर संयुक्त थरुहट मधेश संघर्ष समिति के प्रवक्ता पशुपति दयाल मिश्र की अगुवाई में सैकड़ों मधेसियों ने सीमा पर प्रदर्शन किया।
सभी का कहना है कि पहले मांग पूरी की जाए, इसके बाद ही वाहनों को नेपाल में प्रवेश दिया जाएगा। नेपाल के पूर्व सांसद बद्री प्रसाद गुप्ता ने कहा कि नेपाल की सरकार ने मधेसियों के साथ पक्षपात किया है। इसे कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।