जरवलरोड इलाके में वर्ष 2014 में पत्नी की हत्या करने के आरोपी को अपर सत्र न्यायाधीश फास्ट ट्रैक कोर्ट ने शनिवार को दोषसिद्ध करार दिया। उसे आजीवन कारावास की सजा सुनाई। 50 हजार रुपया जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना अदा नहीं करने पर उसे और एक साल की सजा भुगतनी होगी।
दीवानी कचेहरी के एडीजीसी फिरोज अहमद खां ने बताया कि जरवलरोड थाना अंतर्गत घूरनपुर गांव निवासी मोहम्मद सहबान का निकाह 13 वर्ष पूर्व बाराबंकी जिले में जैदपुर वसीनगर निवासी मोहम्मद अहमद की बहन नूरजहां के साथ हुआ था। निकाह के बाद से कम दहेज की मांग को लेकर महिला को प्रताड़ित किया जाने लगा।
सहबान दहेज में तीन लाख रुपये की मांग कर रहा था। उसी के चलते 22 अगस्त 2014 को नूरजहां की हत्या कर शव को फांसी के फंदे से लटका दिया गया। सुबह आसपास के लोगों ने शव को लटकते देखा। इस पर ससुराल के लोगों ने फांसी लगाने की बात कहकर शव को दफनाने की कोशिश की।
जानकारी पर मृतका का भाई मोहम्मद अहमद गांव पहुंच गया। उसकी सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया जिसमें हत्या की पुष्टि हुई। इस केस की सुनवाई शनिवार को अपर सत्र न्यायाधीश फास्ट ट्रैक कोर्ट प्रथम अनिल कुमार वशिष्ठ ने की।
दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद अपर सत्र न्यायाधीश ने आरोपी पति सहबान को हत्या के मामले में दोषसिद्ध करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई। साथ ही 50 हजार रुपये अर्थदंड से भी दंडित किया। जुर्माना अदा न करने पर न्यायालय ने उसे और एक वर्ष की सजा भुगतने का आदेश दिया है।