नानपारा कोतवाली क्षेत्र के एक गांव निवासी महिला ने आरोप लगाया है कि आवास दिलाने के बहाने ग्राम प्रधान ने फोन कर अहाते में बुलाया। महिला जब वहां पहुंची तो प्रधान व उसके साथी ने उससे दुराचार किया। पुलिस से शिकायत करने पर महिला को जान से मार देने की धमकी दी, जिसके डर से महिला थाने नहीं गई। पीड़िता ने सोमवार को एसपी कार्यालय में प्रार्थना पत्र दिया, जिस पर एसपी ने मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया है।
कोतवाली नानपारा क्षेत्र के एक गांव की रहने वाली 31 वर्षीय महिला का पति मजदूरी करता है। वह मजदूरी के सिलसिले में बाहर है। महिला का कहना है कि उसके पास जमीन नहीं है और उसका आवास भी नहीं बना है। इसी मामले को लेकर 10 जुलाई को ग्राम प्रधान उसके घर आए और बताया कि भूमि आवंटन की कार्रवाई शुरू हो गई है।
आवास की सूची बनाई जा रही है। अपना आधारकार्ड, फोटो, बैंक पासबुक और मोबाइल नंबर दे दो। उसके मोबाइल पर 22 जुलाई को सुबह करीब सात बजे प्रधान ने फोन किया और कहा कि 10 बजे अहाते में आ जाओ। आवास आवंटन की लिखा-पढ़ी करनी है।
महिला का कहना है कि अहाते में पहुंचने पर वहां मौजूद ग्राम प्रधान व उनके साथी ने उससे दुराचार किया। उसके चीखने पर आसपास के लोग एकत्र हो गए। लेकिन थाने में शिकायत करने पर प्रधान ने जान से मारनी की धमकी दी। सोमवार को पीड़िता ने पुलिस अधीक्षक को प्रार्थना पत्र दिया। एसपी सुनील सक्सेना ने बताया कि महिला ने प्रार्थना पत्र दिया है। मामले की जांच कराकर केस दर्ज कर कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
पुलिस अधीक्षक सुनील कुमार सक्सेना का निर्देश मिलने के बाद नानपारा कोतवाली की पुलिस हरकत में आई है। प्रभारी निरीक्षक जेएन शुक्ला टीम के साथ सोमवार दोपहर बाद पीड़ित महिला के घर गए थे। लेकिन महिला के एसपी कार्यालय में होने के चलते वह घर पर मौजूद नहीं मिली।