महिला का कहना है कि पति की सचिवालय में नौकरी के नाम पर उससे पांच लाख रुपये लिए गए थे। अपने भाई के नेपाल में एमबीबीएस में एडमिशन के लिए उसे बुलाया गया था। महिला ने एसपी को पत्र देकर कार्रवाई की मांग की है।
जनपद कानपुर के एक कस्बे की निवासी महिला ने एसपी को दिए पत्र में कहा है कि उसके पति मध्यप्रदेेश में एक निजी इंटर कॉलेज में नौकरी करते हैं। तीन माह पूर्व हुजूरपुर थाना क्षेत्र के भाटीकुंडा गांव के ग्राम प्रधान रक्षाराम यादव से एक रिश्तेेदार ने जान पहचान कराई थी।
रिश्तेदार रेलवे में दिल्ली में ठेकेदारी भी करते हैं। ग्राम प्रधान ने अपनी ऊंची पहुंच होने की बात कहते हुए सचिवालय में नौकरी दिलवाने का आश्वासन देकर पांच लाख रुपये लिए थे।
इसके बाद महिला ने अपने भाई के नेपाल में एमबीबीएस में एडमीशन को लेकर चर्चा की थी। जिस पर उसे बहराइच बुलाया गया था। दो दिन पूर्व वह लखनऊ से बस द्वारा कैसरगंज पहुंची थी। यहां पर रक्षाराम व उनके तीन अन्य साथी मिले थे। रास्ते में एक होटल पर कमरे में ले जाकर ग्राम प्रधान ने सभी को चाय पिलायी।
महिला का कहना है कि बातचीत के दौरान ग्राम प्रधान ने बताया कि नेपाल के हालात ठीक नहीं है। एक माह बाद एमबीबीएस के एडमिशन के लिए चलना उचित होगा। बातचीत के दौरान ही महिला, उसकी सगी बहन व भाई बेहोश हो गए।
महिला का कहना है कि बेहोशी के दौरान ग्राम प्रधान और एक अन्य व्यक्ति ने बहन और उसके साथ दुराचार किया। इसके बाद ग्राम प्रधान ने जानमाल की धमकी देकर सभी को कैसरगंज लाकर छोड़ दिया। महिला ने एसपी को प्रार्थना पत्र देकर पूरे मामले की जानकारी दी है। एसपी सालिकराम वर्मा का कहना है कि सीओ कैसरगंज को मामले की जांच सौंपी है। सीओ की रिपोर्ट मिलने के बाद कार्रवाई की जाएगी।