दिमागी बुखार औैर डेंगू का कहर जिले में थम नहीं रहा है। रविवार को जिला अस्पताल में भर्ती दिमागी बुखार पीड़ित दो मासूमों की इलाज के दौरान मौत हो गई। डेंगू के नौ रोगी भर्ती कराए गए हैं। उनमें तीन की हालत नाजुक बताई गई है।
जिले में दिमागी बुखार और डेंगू से लगातार मौतें हो रहीं है। तेज बुखार और झटके आने से पीड़ित बौंडी के मंझारा तौकली निवासी दीक्षा (6) पुत्री हरिशंकर व गिलौला के लेंगड़ी गूलर निवासी विकास (3 माह) को दो दिन पूर्व परिवारीजनों ने जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
रविवार दोपहर में इलाज के दौरान दोनों की तबियत बिगड़ गई। एक घंटे के अंतराल में दोनों मासूम रोगियों ने दम तोड़ दिया। उधर डेंगू के नौ पीड़ित जिला अस्पताल में भर्ती हुए हैं।
इनमें बेहरा जाफरपुरवा निवासी सलारू (22), कंदैला, कैसरगंज निवासी मोहम्मद रहमान (27), इकौना निवासी संध्या (15), वशीरगंज निवासी रामपाल (18), रिसिया निवासी जयप्रकाश (26), महसी के रेहुआ मंसूर निवासी रामतेज यादव (32), नंदवल के शिवप्रसाद (23), जोशियापुरा की जयंती देवी (70) व वशीरगंज की नजमुल निशा (45) शामिल हैं।
इनमें संध्या, रामतेज और जयंती की हालत नाजुक बताई जा रही है। मुख्य चिकित्साधीक्षक डॉ. डीके सिंह ने बताया कि एलायजा और रैपिड टेस्ट पॉजिटिव मिलने के बाद सभी को भर्ती किया गया है। इलाज चल रहा है। दिमागी बुखार और डेंगू मच्छर के काटने से फैलता है। ऐसे में सतर्कता बरतकर ही इस रोग से बचा जा सकता है।