जिला अस्पताल में शनिवार को मरीज को जल्दी देखने को लेकर तीमारदार और डॉक्टर में विवाद के बाद जमकर मारपीट हुई। इससे अस्पताल में डेढ़ घंटे तक अफरातफरी रही। डॉक्टरों ने ओपीडी का बहिष्कार कर दिया। चिकित्सक की ओर से मामले में आरोपी के खिलाफ केस दर्ज कराया गया है। पुलिस ने आरोपी को जेल भेज दिया है।
जिला चिकित्सालय की ओपीडी में शनिवार सुबह चिकित्सक मरीजों को देख रहे थे। तभी विशेश्वरगंज के लोधेजोत गांव निवासी अजय तिवारी अपने मरीज के साथ चिकित्साधिकारी डॉ. अंशुमान सिंह के कक्ष में पहुंचा। यहां अजय ने अपने मरीज को जल्दी देखने की बात कही। इसको लेकर चिकित्सक व तीमारदार के बीच कहासुनी के बाद जमकर हाथापाई हुई।
चिकित्साधिकारी डॉ. अंशुमान ने बताया कि तीमारदार ने ओपीडी पंजिका को फाड़कर फेंक दिया। लोग बीच बचाव करने लगे तो जान से मारने की धमकी देते हुए अजय हंगामा करने लगा। शोर सुनकर अन्य कमरों में मौजूद चिकित्साधिकारी व मरीज बाहर निकल आए। चिकित्साधिकारी डॉ. अंशुमान पर हमले की सूचना पाकर अन्य चिकित्सकों ने ओपीडी का बहिष्कार कर दिया।
इस दौरान डायल 100 व कोतवाली नगर की पुलिस मौके पर पहुंची। डेढ़ घंटे बाद किसी तरह मामला शांत हुआ। घटना से नाराज चिकित्सकों ने कार्रवाई की मांग की। इस पर मुख्य चिकित्साधीक्षक डॉ. डीके सिंह ने चिकित्साधिकारियों के साथ बैठक की। इसके बाद डॉ. अंशुमान सिंह की ओर से आरोपी को नामजद करते हुए कोतवाली में तहरीर दी गई।
प्रभारी निरीक्षक डीके श्रीवास्तव ने बताया कि चिकित्साधिकारी की तहरीर पर जिला चिकित्सालय में चिकित्सक पर हमला करने, पंजिका फाड़ने, सरकारी कार्य में व्यवधान कर हंगामा करने आदि की धाराओं में केस दर्ज कर आरोपी को जेल भेज दिया गया है। मामले की जांच की जा रही है।