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कार तेज चलाने पर डॉक्टर ने युवक को पीटा

Fri, 07 Jun 2019 11:23 PM IST
Praveen Singh amarujala Bureau/Bahraich
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दुकान में आग लगने से झुलसे भाई को लेकर जिला अस्पताल पहुंचे युवक पर इमरजेंसी के सामने मौजूद आर्थोपैडिक सर्जन हमलावर हो गए। उन्होंने वाहन तेज गति से चलाने की बात कहते हुए उसकी लात-घूसों से पिटाई कर दी। उधर, झुलसा युवक तड़पता रहा। मारपीट से हंगामे की स्थिति बन गई। मौके पर पहुंची पुलिस व अस्पताल कर्मियों ने किसी तरह मामले को शांत कराया। अस्पताल में एक घंटे तक अफरा-तफरी रही। सीएमएस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए चिकित्सक के खिलाफ शासन को पत्र लिखा है। 
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नगर कोतवाली के नाजिरपुरा मोहल्ला निवासी नसीम (26) पुत्र सलीम की शहर में केडीसी के पास हार्डवेयर की दुकान है। शुक्रवार को दोपहर दुकान  में शॉर्ट सर्किट से आग लग गई। दुकान में मौजूद नसीम आग बुझाने के चक्कर में गंभीर रूप से झुलस गया। आसपास के लोगों ने आग पर काबू पाया। सूचना पाकर नसीम का भाई हमीदुद्दीन मौके पर पहुंचा और झुलसे नसीम को कार में बिठाकर तत्काल जिला अस्पताल पहुंचाया।

भाई की हालत देखकर हमीदुद्दीन तेज रफ्तार में कार चला रहा था। जिला अस्पताल की इमरजेंसी में हमीदुद्दीन नसीम को लेकर पहुंचा। तभी गेट पर मौजूद आर्थोपैडिक चिकित्सक डॉ. आरके वर्मा बिफर पड़े और तेज गति से कार चलाने की बात कहते हुए अपशब्दों का प्रयोग किया। 
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हमीदुद्दीन चिकित्सक का विरोध करते हुए झुलसे भाई को लेकर इमरजेंसी में प्रवेश करने लगा। तभी चिकित्सक ने उसकी लात-घूसों से पिटाई शुरू कर दी। इससे हंगामे की स्थिति बन गई। उधर, झुलसा नसीम फर्श पर पड़ा तड़पता रहा और चिकित्सक हमीदुद्दीन को पीटते रहे। हंगामा देख अस्पताल के कर्मचारी दौड़े। बाहर ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मी भी आ गए। किसी तरह मामला शांत हुआ। लेकिन एक घंटे तक अफरा-तफरी रही। हंगामे की सूचना पाकर मुख्य चिकित्साधीक्षक डॉ. डीके सिंह ने मौके पर पहुंचकर मुआयना किया। चिकित्सक को विभागीय कार्रवाई की चेतावनी भी दी है। 

तीन सदस्यीय जांच कमेटी गठित
मुख्य चिकित्साधीक्षक डॉ. डीके सिंह ने कहा कि चिकित्सक डॉ. आरके वर्मा द्वारा तीमारदार को पीटने के मामले में वरिष्ठ फिजीशियन डॉ. पारितोष मिश्रा, डॉ. बसंत समेत तीन चिकित्सकों की जांच कमेटी बनाई गई है। तीन दिन में कमेटी से रिपोर्ट तलब की गई है। रिपोर्ट मिलने के बाद विभागीय कार्रवाई होगी। 

पहले भी विवादों में रहे हैं डॉ. आरके वर्मा 
तीमारदार की पिटाई करने वाले डॉ. आरके वर्मा पर पहले भी विवादों से घिरे रहे हैं। बीते वर्ष तत्कालीन जिलाधिकारी माला श्रीवास्तव के निर्देश पर डॉक्टर के नर्सिंगहोम पर दो बार छापे की कार्रवाई की गई। डीएम की ओर से चिकित्सक केे लाइसेंस को निलंबित करने के लिए शासन को पत्र लिखा गया, जिस पर कार्रवाई चल रही है। इसके अलावा चिकित्सक पर एक मरीज से 8500 रुपये लेने का भी आरोप है। 

मुझ पर कार चढ़ाना चाहता था युवक
चिकित्सक डॉ. आरके वर्मा का कहना है कि वह इमरजेंसी से बाहर निकले थे। हमीदुद्दीनतेज रफ्तार में कार लेकर उनकी ओर बढ़ा। चिकित्सक का कहना है कि वह उन्हें कार से रौंदना चाहता था। विरोध करने पर मारपीट शुरू हुई।
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