बहराइच। पेरिस में आईएसआईएस के हमले के बाद अब भारत आईएसआईएस के निशाने पर है। खुफिया एजेंसियों ने ऐसी आशंका जताते हुए उच्च अधिकारियों को रिपोर्ट भेजी है।
एजेंसियों ने चेताया है कि पर्यटकों के वेष में आतंकी घुसपैठ कर सकते हैं। यह घुसपैठ बहराइच, बलरामपुर, श्रावस्ती के साथ बिहार और पूर्वी उत्तर प्रदेश की सीमा से लगने वाली नेपाल सीमा से भी संभव है।
इस रिपोर्ट के बाद सुरक्षा तंत्र सजग हो गया है। सीमावर्ती थानों को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं। जंगल और नदियों के रास्तों पर विशेष टीमें लगाई गई हैं। क्षेत्रीय पुलिस को एसएसबी से समन्वय कर संयुक्त गश्त के निर्देश दिए गए हैं।
नेपाल की खुली सीमा आतंकियों की पनाहगार रही है। लश्कर-ए-तैयबा, आईएसआई, इंडियन मुजाहिदीन के आतंकी बहराइच से सटी नेपाल सीमा पर आते-जाते रहे हैं।
गुजरात ब्लास्ट का मुख्य आरोपी मुंबई के मकोका कोर्ट से फरार होने के बाद बहराइच के फखरपुर कस्बे में लगभग माह भर डेरा जमाए हुए था। इसके अलावा दाऊद के खानसामे का मकान रिसिया थाना क्षेत्र में है।
लश्कर-ए-तैयबा का डिप्टी कमांडर इरफान और उसका बेटा बहराइच शहर के नाजिरपुरा के निवासी रहे हैं। यह आतंकियों की ऐसी बानगी है कि जिससे साबित होता है कि बहराइच आतंकियों के शरणगाह के लिए मुफीद रहा है।
अब पेरिस में आईएसआईएस के सीरियल धमाकों ने दुनिया को हिला कर रख दिया है। भारत के भी 23 युवक आईएसआईएस के सदस्य बन बैठे हैं। इनमें एक यूपी का भी बताया जा रहा है।
आईएसआईएस के लिए काम करने वाले भारतीय युवा ही अपने देश के लिए घातक साबित हो सकते हैं। सीमा पर सक्रिय खुफिया एजेंसियों ने आशंका जतायी है कि यही लोग आईएसआईएस के शातिर आतंकियों को घुसपैठ में मददगार बनेंगे।
वह ऐसे रास्ते बताएंगे, जहां से बेरोकटोक भारत में प्रवेश किया जा सके। इन रास्तों में यूपी और बिहार की नेपाल से सटी सीमा नंबर एक का विकल्प बन सकती है क्योंकि खुली सीमा पर बिना ज्यादा जांच पड़ताल के आसानी से भारत में प्रवेश किया जा सकता है।
खुफिया सूत्रों के मुताबिक बहराइच, बलरामपुर, श्रावस्ती, गोरखपुर, लखीमपुर और बिहार प्रांत से सटी नेपाल की सीमा से आईएसआईएस के आतंकी घुसपैठ कर सकते हैं। इस रिपोर्ट के बाद सुरक्षा तंत्र चौकन्ना हो गया है।
बहराइच में नेपाल से सटी 100 किलोमीटर की सीमा पर गश्त तेज की गई है। सीमावर्ती थाने नवाबगंज, रुपईडीहा, मोतीपुर, मुर्तिहा और सुजौली की पुलिस को अलर्ट किया गया है। यहां के थानाध्यक्षों को एसएसबी से समन्वय स्थापित कर सीमा पर चौकसी बरतने के निर्देश दिए गए हैं।
जंगल और नदी के रास्तों पर रहेगी विशेष नजर
आतंकी भारतीय सीमा में घुसपैठ के लिए सामान्य रास्ते के बजाए जंगल और नदी के दुरूह रास्तों को भी अपना सकते हैं। बहराइच की सीमा के 60 किलोमीटर दायरे में घना जंगल है।
नेपाल की गेरुआ और कौड़ियाला नदी में भारतीय सीमा में प्रवेश करती है। इन नदी और जंगल के रास्तों पर 24 घंटे अलर्ट के निर्देश हैं।
सुरक्षा में कोताही नहीं : एसपी
खुफिया एजेंसियों की आशंका के मद्देनजर सीमावर्ती थानों का अलर्ट किया गया है। एसएसबी के अधिकारियों से भी निरंतर समन्वयय स्थापित किया जा रहा है।
सीमावर्ती ग्रामीणों को पुलिस के माध्यम से संदिग्ध लोगों पर नजर रखने के लिए कहा गया है। रेवले स्टेशन और बस स्टैंड पर भी नजर रखी जा रही है। किसी भी कीमत पर आईएसआईएस के आतंकी बहराइच से सटी नेपाल सीमा से भारत में प्रवेश नहीं कर पाएंगे।
- सालिकराम वर्मा, पुलिस अधीक्षक