रिसिया में तैनात यूपी-100 टीम के दो सिपाहियों ने सोमवार रात थाने के हेड मोहर्रिर के साथ शराब पीकर में जमकर हंगामा काटा। अकारण एक युवक को पीटकर उसका मोबाइल छीन लिया। युवक की चीखपुकार पर लोग दौड़े तो यूपी-100 का वाहन छोड़कर सिपाही भाग खड़े हुए। सूचना एसपी को मिली तो उन्हाेंने तत्काल तीनों पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया।
रिसिया थाना क्षेत्र की सुरक्षा और लोगों को त्वरित सहायता पहुंचाने के लिए यूपी-100 का पीआरपी वाहन नंबर 1547 आवंटित है। इस वाहन पर सिपाही मनोज कुमार की रविवार रात ड्यूटी थी। वह वाहन के चालक संगम यादव व रिसिया थाने में तैनात हेड मोहर्रिर विनोद यादव के साथ गश्त के बहाने रिसियामोड़ पहुंच गया। जहां एक ढाबे पर तीनों पुलिसकर्मियों ने छककर शराब पी और देर रात थाने लौटे।
रात 11 बजे थाने से 50 मीटर पहले यूपी-100 वाहन रोककर सिपाही नीचे उतरे। उमस होने के कारण सरस्वती नगर निवासी अनिल वर्मा पुत्र राजेंद्र वर्मा अपने घर के बाहर खड़ा था। सिपाहियों ने वाहन से उतरते ही अपशब्दों का प्रयोग करते हुए अनिल से अभद्रता की। विरोध करने पर उसकी पिटाई कर दी और मोबाइल फोन छीन लिया।
अनिल के शोर मचाने पर आसपास के लोग दौड़े। इस पर नशे में धुत सिपाही गश्ती वाहन छोड़कर भाग गए। देर रात तक हंगामे की स्थिति रही। पीड़ित अनिल ने रात में ही एसपी सुनील सक्सेना को फोन कर घटना की जानकारी दी। एसपी ने थानाध्यक्ष को मामले की जांच कर रिपोर्ट तलब की। साथ ही तत्काल प्रभाव से वाहन पर सवार तीनों सिपाहियों को निलंबित कर दिया।
एसपी ने बताया कि यूपी-100 मुख्यालय लखनऊ को घटना की रिपोर्ट भेज दी गई है। सिपाहियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई भी शुरू कर दी गई है। थानाध्यक्ष संजय दुबे ने बताया कि पीआरवी वाहन सड़क किनारे खड़ा था। उसे कब्जे में लेकर दूसरे सिपाहियों की ड्यूटी लगा दी है। वहीं, एसपी ने बताया कि अनिल वर्मा की तहरीर मिली है। आरोपी तीनों सिपाहियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर विवेचना के निर्देश दिए हैं।