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एसएसबी का जवान कश्मीर में शहीद, छह घायल

Sat, 15 Oct 2016 11:10 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
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जवान शहीद - फोटो : अमर उजाला
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अगैया एसएसबी मुख्यालय की 59वीं बटालियन के जवानों की एक टुकड़ी दो माह पूर्व सीमा सुरक्षा के लिए जम्मू कश्मीर भेजी गई थी। शुक्रवार शाम गश्त के दौरान वहां एसएसबी के जवान पर आतंकियों ने हमला कर दिया था। इसमें बहराइच में तैनात एसएसबी का एक जवान शहीद हो गया। छह जवान घायल हुए हैं।
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भारत-नेपाल सीमा की सुरक्षा के लिए दो वाहिनी के जवान तैनात हैं। जून माह से जम्मू कश्मीर की सीमा पर तनाव बढ़ने के बाद एसएसबी जवानों की ड्यूटी जम्मू कश्मीर में लगाई गई।इसके लिए दो माह पूर्व नानपारा के अगैया मुख्यालय से एसएसबी 59वीं बटालियन के जवानों की एक टुकड़ी को सीमा सुरक्षा के लिए जम्मू कश्मीर भेजा गया था।

वह टुकड़ी श्रीनगर के बाहरी इलाके जकूरा में गदराबल स्थित चौकी पर मुस्तैद थी। एसएसबी के प्रभारी कमांडेंट गजराज सिंह व डिप्टी कमांडेंट शैलेष कुमार ने बताया कि शुक्रवार देर शाम को छह गाड़ियों से जवान गश्त कर रहे थे। चौकी पर वापस लौटते समय गाड़ी पर आतंकियों ने अचानक हमला कर दिया।
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आतंकियों से मुठभेड़ में 59वीं बटालियन का जवान घनश्याम गुर्जर पुत्र रामकिशन गुर्जर शहीद हो गया। वह राजस्थान प्रांत के तहसील दौसा थाना नांगल रजवातन ग्राम ख्वारोजी का निवासी था। हमले में बटालियन के जवान बस्ती निवासी राजकुमार पुत्र परदेशी, राजस्थान निवासी सियाराम मीना पुत्र भाबुइयाराम, राजू सिंह पुत्र रामेश्वर प्रसाद, कानपुर के मोहित पुत्र श्रीराम, बिहार के सरोज कुमार पुत्र महेश सिंह, रविकांत पुत्र सुरेंद्र कुमार और हिमांचल प्रदेश के चमनलाल पुत्र नंदलाल घायल हो गए।

घायल जवानों को जम्मू कश्मीर के कमांड हास्पिटल में भर्ती कराया गया है। उन्होंने कहा कि हमले में सीआरपीएफ के भी तीन जवान घायल हुए हैं। कमांडेंट ने कहा कि जवान के शहीद होने पर दुख जरूर है लेकिन गर्व महसूस हो रहा है। शहीद जवान का पार्थिव शरीर उसके पैतृक गांव राजस्थान ख्वारोजी दौसा भेजा जाएगा। परिवार की हरसंभव मदद की जाएगी। 

दो माह बाद बजनी थी शहनाई
प्रभारी कमांडेंट ने बताया कि शहीद जवान घनश्याम गुर्जर की सगाई हो चुकी थी। दो माह बाद शहनाई बजनी थी। इसके चलते वह जम्मू कश्मीर रवाना होते समय काफी खुश था। उसने देश की रक्षा में अपने प्राण न्यौछावर कर दिये। घनश्याम का जन्म 14 जनवरी 1992 को हुआ था। घर में पिता रामकिशन के अलावा मां सुशीला देवी, भाई सरज्ञान सिंह, राजेंद्र सिंह, भगवान सिंह और रामेश्वर प्रसाद हैं। 
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