हुजूरपुर (बहराइच)। तस्करी के लिए पंश्चिम बंगाल ले जाए जा रहे 35 कछुओं के संग पुलिस ने तीन तस्कर पकड़े हैं। इन तस्करों में एक पश्चिम बंगाल व दो गोंडा जिले के निवासी हैं। तराई की सरयू और घाघरा नदी से शिकार कर कछुओं की खेप तस्करी को ले जाई जा रही थी।
मालूम हो कि बहराइच वन प्रभाग के कैसरगंज रेंज अंतर्गत हुजूरपुर थाना क्षेत्र से होकर सरयू नदी बहती है। इस नदी में बड़े पैमाने पर कछुए पाए जाते हैं। उधर, घाघरा नदी में भी कछुओं की बहुलता है।
तराई की नदियों के कछुओं की डिमांड पश्चिम बंगाल में अधिक है। इसी कारण यहां के कछुए तस्करों के निशाने पर हैं। शुक्रवार सुबह क्षेत्र से कछुए की खेप पश्चिम बंगाल ले जाये जाने की भनक हुजूरपुर थानाध्यक्ष अशरफ परवेज आलम को लगी थी। इस पर उन्होंने चौकी इंचार्ज अरविंद गुप्ता के नेतृत्व में टीम गठित कर छापेमारी के निर्देश दिए थे।
थानाध्यक्ष ने बताया कि शाम को राजकीय इंटर कॉलेज भग्गड़वा के पास तीन लोग संदिग्ध हालत में मिले। तलाशी के दौरान उनके बैग से 35 कछुए बरामद हुए हैं। इनमें आठ कछुए वयस्क हैं।
तस्करों की पहचान पश्चिम बंगाल के जनपद वर्धमान कमलपुर रघुनाथपुरम धुपल्ली निवासी तपुन पाल पुत्र भगीरथ और गोंडा जिले के कौड़िया चाइनुपरवा टेपरा निवासी ओंकार पुत्र बेचई तथा चंदापुर मोहलिया वजीरगंज गोंडा निवासी पवन उर्फ छोटू के रूप में हुई है। बरामद कछुओं को कब्जे में लेकर आरोपियों को जेल भेज दिया गया है।