बाराबंकी से स्मैक लाकर उसे जिले के अलग-अलग हिस्सों में बेचने वाले रैकेट का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। रैकेट के सरगना सिराज समेत तीन को गिरफ्तार किया गया है। इनके पास से एक कार, बाइक, तीन मोबाइल, छह हजार रुपये नगदी और करीब 14 लाख रुपये की चरस बरामद हुई है।
गिरोह ने नेपाल सीमा तक तस्करी का नेटवर्क फैला रखा था। जिले के युवाओं को स्मैक की लत में डालकर अपना कारोबार चमकाने वाले गिरोह पर पुलिस ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। पुलिस ने अब तक के सबसे बड़े स्मैक के गिरोह के रैकेट को पकड़ने में सफलता हासिल की है।
दरगाह थाने की पुलिस और एसओजी की संयुक्त टीम ने गिरोह को पकड़ा है। एसओजी के निरीक्षक विनोद कुमार यादव व मनीष पांडेय की अगुवाई में गठित टीम ने दरगाह के उपनिरीक्षक विजय कुमार सिंह व अजय पांडेय के साथ आसाम रोड तिराहे पर शनिवार की रात चेकिंग शुरू की।
इस दौरान एक अल्टो कार व एक बाइक को रोका गया। इसमें दरगाह के सलारगंज निवासी मोहम्मद सिराज, पलरी बाग निवासी फैसल और कोतवाली नगर के छोटी तकिया निवासी नदीम अहमद को गिरफ्तार किया गया।
पुलिस अधीक्षक डॉ. गौरव ग्रोवर ने बताया कि बाराबंकी जनपद के कुर्सी थाना क्षेत्र ब्राह्मी टोला निवासी नसीम रात का फायदा उठाकर कार से कूदकर फरार हो गया। गिरोह के सरगना सिराज समेत तीनों के पास से 14 लाख रुपये कीमत की 138.4 ग्राम स्मैक बरामद हुई।
इनके कब्जे से तीन मोबाइल फोन और छह हजार रुपये नगदी भी मिली है। सरगना सिराज ने नेपाल सीमा तक अपना नेटवर्क मजबूत बना रखा था, जिसे खंगाला जा रहा है। पुलिस टीम को बड़ी कामयाबी पर पुरस्कार दिया जाएगा।
शहर में करनी थी बिक्री
एसओजी के निरीक्षक विनोद यादव ने बताया कि बरामद स्मैक को शहर के अलग-अलग हिस्सों में बेचने की तैयारी थी। फैसल और नदीम, सरगना सिराज के लिए कॅरियर के रूप काम करते थे। इसे सलारगंज, मंसूरगंज और दरगाह के इलाकों में बेचे जाने की तैयारी थी।