हरदी थाना क्षेत्र के दहाव गांव निवासी एक ग्रामीण शुक्रवार की रात आंधी व पानी आने पर घर के पीछे छप्पर और पेड़ों की निगरानी के लिए निकला। इसी दौरान घात लगाकर बैठे कुछ लोगों ने कट्टे से फायर झोंक दिया। गोली लगने से ग्रामीण की मौके पर ही मौत हो गई। घटना से परिवारीजनों में कोहराम मच गया। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। हत्या का कारण जमीन की रंजिश बताई जा रही है। फिलहाल मामले में अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।
हरदी थाना क्षेत्र के दहाव गांव निवासी माखनलाल (45) रात में करीब 11 बजे घर में मौजूद था। उसी समय अचानक मौसम बदला और आंधी के साथ बरसात शुरू हो गई। कुछ देर बाद आंधी के थमने पर माखनलाल घर के पीछे के हिस्से में स्थित छप्पर और पेड़ों की निगरानी करने के लिए बाहर निकला।
माखनलाल बमुश्किल घर से 20 मीटर की दूरी पर पहुंचा था, तभी घात लगाकर बैठे कुछ लोगों ने उस पर कट्टे से फायर झोंक दिया। चेहरे पर गोली लगने से मौके पर ही माखनलाल की मौत हो गई। फायर की आवाज सुनकर परिवारीजन और आसपास के ग्रामीण दौड़े, लेकिन तब तक हमलावर भाग गए।
घटना से परिवारीजनों मेें कोहराम मच गया। रात में ही मामले की सूचना थाने पर दी गई। थानाध्यक्ष राजेंद्र वर्मा ने मौके पर पहुंचकर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। थानाध्यक्ष ने बताया कि परिवारीजनों और ग्रामीणों के बयान दर्ज किए गए हैं। पट्टीदारी में जमीन की रंजिश का मामला सामने आया है। फिलहाल मृतक के भाई जवाहर लाल उर्फ नन्हूं की तहरीर पर अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू की गई है।
थानाध्यक्ष राजेंद्र कुमार ने बताया कि जांच के दौरान पता चला है कि मृतक माखनलाल पांच भाई थे। उसकी मां राजरानी ने माखनलाल व उसके एक भाई के पुत्र के नाम अपनी सारी जमीन बैनामा कर दी। जिसके चलते अन्य सदस्य रंजिश रखने लगे। हालांकि यह जांच का मामला है। कुछ अवैध संबंधों का भी पता लगा है। जांच के बाद हत्या का सही कारण स्पष्ट हो सकेगा।