बहराइच। शहर के माधवरेती मोहल्ला निवासी नगर पालिका परिषद कर्मी के घर सोमवार रात डकैतों ने धावा बोल दिया। परिवारीजनों को बंधक बनाकर पांच लाख की संपत्ति लूट ली।
हमले में घायल नपाप कर्मी समेत पांच लोगों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घर वालों ने कच्छा बनियान गिरोह पर वारदात को अंजाम देने की आशंका जताई है।
कोतवाली देहात क्षेत्र अंतर्गत शहर के मोहल्ला माधवरेती निवासी साधूसरन (45) पुत्र सत्रोहन नगर पालिका परिषद बहराइच में चालक के पद पर तैनात हैं। उनका बेटा राहुल संविदाकर्मी है।
पूरा परिवार जब सोमवार रात सो रहा था तभी रात दो बजे के आसपास आठ डकैत घर के पीछे की दीवार में लगा रोशनदान तोड़कर घर में घुस आए, फिर मुख्य द्वार खोल दिया।
बदमाश जब कमरे में अलमारी का लॉक तोड़ने लगे तो आहट पाकर साधूसरन की 43 वर्षीय पत्नी विजय कुमारी की नींद खुली। उन्होंने विरोध किया तो बदमाशों ने उन्हें पीट दिया।
चीख सुनकर परिवार के अन्य सदस्य दौड़े तो बदमाशों ने उन्हें भी पीटकर बंधक बना लिया। इसके बाद 40 मिनट तक घर की संपत्ति समेटी और फिर जानमाल की धमकी देकर भाग निकले।
डकैतों के हमले में साधूसरन और उनकी पत्नी के साथ पुत्र राहुल (19), पुत्री सुधा (20) व भतीजा रोहित (18) लहूलुहान हुए हैं। किसी तरह घर वालों ने पुलिस को खबर की।
एक घंटे बाद पुलिस मौके पर पहुंची। साधूसरन ने बताया कि बदमाश कच्छा बनियान पहले थे और हाथों में डंडा लिए हुए थे। साधूसरन के मुताबिक बदमाश अलमारी में रखे 50 हजार रुपये, महिलाओं के जेवरात समेत पांच लाख की डकैती हुई है।
सीओ सिटी अनूप कुमार, एएसपी नगर दिनेश त्रिपाठी ने भी घटनास्थल का मुआयना किया है। इस मामले में साधूसरन के पुत्र सूरज की तहरीर पर पुलिस ने जांच शुरू की है।
गठित की गई तीन टीमें
पुलिस अधीक्षक सालिकराम वर्मा ने बताया कि लूट की वारदात के मद्देनजर स्वाट टीम प्रभारी संजय दूबे, कोतवाली नगर और देहात इंस्पेक्टर तथा एसएसआई जयनारायण शुक्ला की अगुवाई में टीमें गठित की गई हैं। शीघ्र ही मामले के खुलासे के निर्देश दिए गए हैं।
गश्त में लापरवाही पर तीन सिपाही निलंबित
पुलिस अधीक्षक सालिकराम वर्मा ने बताया कि माधवरेती मोहल्ले में हुए वारदात मामले में कंट्रोल रूम को रात में बार-बार सूचना दी जा रही थी लेकिन तैनात सिपाही ने ड्यूटी में लापरवाही बरती।
वहीं, गश्ती सिपाही भी कहीं न कहीं से जिम्मेदार हैं। लापरवाही के चलते वारदात हुई और बदमाश भागने में सफल रहे। इस कारण हल्के के सिपाही उमाशंकर, रामगोपाल गुप्ता और सुभाष को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।