पयागपुर (बहराइच)। चार दिन पहले अगवा हुए क्षेत्र पंचायत सदस्य भरत यादव का अब तक पता नहीं चल सका है। डीआईजी के यहां हाजिर होने के बावजूद अब तक भरत यादव पयागपुर थाने नहीं पहुंचा।
ऐसे में उसकी तलाश करते हुए तीन थानों की पुलिस ने शुक्रवार देर शाम पयागपुर के निवर्तमान ब्लॉक प्रमुख व सांसद दद्दन मिश्र के भाई सहदेव मिश्र के घर छापा मारा। पूरा घर खंगाला लेकिन कुछ मिला नहीं। टीम एक स्कॉर्पियो को कब्जे में लेकर थाने चली गई।
पयागपुर विकासखंड के लखाही गांव निवासी क्षेत्र पंचायत सदस्य भरत यादव को चार दिन पूर्व पयागपुर बाजार से घर लौटते समय पूर्व जिला पंचायत सदस्य गब्बर सिंह ने अपने चार अन्य सहयोगियों के साथ अगवा कर लिया था।
घटना के दिन ही भरत यादव को चार लोग डीआईजी के यहां लेकर पहुंचे थे, जहां उसने अगवा करने की बात से इंकार करते हुए गंगा नहाने के लिए इलाहाबाद जाने की बात कही थी।
इसके बाद डीआईजी ने भरत यादव को पयागपुर थाने जाकर बयान दर्ज कराने को कहा था लेकिन अब तक भरत पयागपुर थाने नहीं पहुंचा। इस पर एसपी सालिकराम वर्मा ने क्षेत्र में छापेमारी कर बरामदगी के निर्देश दिए थे।
शुक्रवार शाम पांच बजे के आसपास रानीपुर, विशेश्वरगंज और पयागपुर थाने की पुलिस पयागपुर के निवर्तमान ब्लॉक प्रमुख सहदेव मिश्र के कलाम सतरही स्थित गांव पहुंच गई। पुलिस ने सहदेव का घर खंगाला लेकिन भरत नहीं मिला।
थानाध्यक्ष विनय कुमार यादव का कहना है कि आवास से कुछ दूरी पर एक लावारिस स्कार्पियो बरामद हुई है। आशंका जताई जा रही है कि भरत के अपहरण में इस स्कॉर्पियो का प्रयोग किया गया है, इसलिए उसे कब्जे में ले लिया गया है।
उन्होंने कहा कि भरत के अपहरण के मामले में कुछ सूचना थी, जिसके चलते वार्ता के लिए सहदेव के घर गए थे।
‘बदनाम करने के लिए ली तलाशी’
निवर्तमान ब्लॉक प्रमुख सहदेव मिश्र का कहना है कि जिले की पुलिस पूरी तरह से सरकार के एजेंट के रूप में काम कर रही है। क्षेत्र पंचायत सदस्यों को पुलिस ही अगवा कर रही है।
उन्हें बदनाम करने के लिए तीन थानों की पुलिस ने घर पहुंचकर तलाशी ली। निवर्तमान प्रमुख ने कहा कि जो वाहन पुलिस ने बरामद किया है, उसके बारे में उन्हें कोई जानकारी नहीं है न ही उनके यहां से वाहन मिला है।