पूर्वांचल विकास निधि के काम का भुगतान न करने पर पीडब्ल्यूडी के अवर अभियंता हरिभान सिंह को जिला पंचायत के कुछ कर्मियों ने पीट दिया। बुधवार को पीडब्ल्यूडी कार्यालय में इस वारदात से एक घंटे हड़कंप मचा रहा।
जेई ने जिला पंचायत के जेई व सुपरवाइजर समेत आठ लोगों पर मारपीट कर दस्तावेज फाड़ने का आरोप लगाते हुए एक्सईएन को जानकारी दी है। पुलिस ने इस मामले में तहरीर मिलने से इंकार किया है।
लोक निर्माण विभाग प्रांतीय खंड के अवर अभियंता प्राविधिक हरिभान सिंह का आरोप है कि पूर्वांचल विकास निधि के तहत लगभग पौने तीन करोड़ रुपये का काम जिला पंचायत ने कराया था।
इसमें 18 किलोमीटर का कार्टेज (वाहन भाड़ा) जोड़ा गया था। इसके अलावा स्टीमेट की तकनीकी स्वीकृति भी नहीं कराई गई और काम करा दिया गया। इस कारण उन्होंने फाइल में आपत्ति लगा दी थी। इसी कारण जिला पंचायत के कुछ कर्मचारी उनसे खुन्नस रख रहे थे।
जेई ने बताया कि वह बुधवार दोपहर ढाई बजे के आसपास अपने कार्यालय में कामकाज निपटा रहे थे तभी जिला पंचायत के एक अभियंता व सुपरवाइजर अपने छह अन्य साथियों समेत पहुंच गए और अपशब्द कहने लगे।
इंजीनियर के विरोध करने पर सभी ने उनकी पिटाई कर कपड़े फाड़ दिए। इसके बाद दफ्तर में रखे कुछ दस्तावेज भी फाड़ डाले। कार्यालय की कुर्सियां भी फेंक दीं।
जेई के शोर मचाने पर अन्य कर्मचारी दौड़े तो हमलावर जानमाल की धमकी देते हुए भाग निकले।
पीडब्ल्यूडी इंजीनियर ने मारपीट की घटना में ऑफिस के भी कुछ कर्मचारियों के शामिल होने की आशंका जताई है।
इस मामले में जेई ने अधिशासी अभियंता राकेश कुमार को घटना की सूचना दी है। अभी थाने में तहरीर नहीं दी है। बोले, एक्सईएन को प्रार्थना पत्र देने के बाद करेंगे पुलिस में शिकायत।
प्रभारी निरीक्षक राजेंद्र वर्मा का कहना है कि तहरीर मिलने पर जांच कर कार्रवाई की जाएगी।
आरोप निराधार
जिला पंचायत के अपर मुख्य अधिकारी एके सिंह ने इस मामले में कहा कि लगभग चार माह से भुगतान लंबित है।
इसके संबंध में कुछ कर्मचारी उनसे बात करने गए थे लेकिन मामले को बढ़ा चढ़ाकर पेश किया जा रहा है। अभिलेख व कपड़े फाड़ने का आरोप निराधार है।
करेंगे कार्रवाई
पीडब्ल्यूडी के अधिशासी अभियंता राकेश कुमार ने बताया कि वह विभागीय कार्य से लखनऊ में हैं। घटना की सूचना मिली है। गुरुवार को बहराइच लौटकर वह पूरे मामले की जानकारी लेंगे। इसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।