कृष्णानगर निवासी एक महिला अपने मायके में थी। गुरुवार को सुबह पति विदा कराने पहुंचा। उस समय महिला की मां मजदूरी करने गई थी। महिला ने मां के आने पर चलने की बात कही। इसी बात पर पति आग बबूला हो उठा। उसने लाठियों से गर्भवती पत्नी को पीटा और फिर पत्थर से हमला कर लहूलुहान कर दिया। मां घर लौटी तो बेटी मरणासन्न हालत में मिली। इस पर थाने पर तहरीर दी गई। महिला को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। हालत नाजुक बताई जा रही है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
जरवलरोड थाना क्षेत्र के लोनियाडीह गांव निवासी ऊषा (30) का विवाह पांच वर्ष पूर्व थाना क्षेत्र के कृष्णा नगर निवासी मैकूलाल से हुआ था। होली के मौके पर ऊषा अपने मायके चली गई थी। सुबह करीब आठ बजे मैकू पत्नी को विदा कराने के लिए ससुराल पहुंचा। उस समय ऊषा की मां बड़का मजदूरी करने गांव में एक व्यक्ति के यहां गई थी। ऊषा ने मां के लौटने तक इंतजार करने की बात पति से कही। लेकिन मैकूलाल ने अधिक इंतजार न कर पाने की बात कही।
इसी मामले को लेकर पत्नी से कहासुनी हुई तो उसने लाठियों से पिटाई कर दी और पत्थर से पत्नी पर हमला कर दिया, जिससे वह मरणासन्न हो गई। सूचना पाकर बड़का भी पहुंची। उसने ग्रामीणों की मदद से पुत्री ऊषा को लहूलुहान हालत में सीएचसी मुस्तफाबाद पहुंचाया। थाने पर दामाद को नामजद करते हुए तहरीर दी है। बड़का का कहना है कि पुत्री ऊषा तीन माह के गर्भ से है।
इस मामले में प्रभारी निरीक्षक प्रमोद कुमार ने जांच शुरू कर दी है। उनका कहना है कि आरोपी की तलाश में दबिश दी जा रही है। उधर, सीएचसी में इलाज के दौरान ऊषा की हालत गंभीर देखकर डॉक्टरों ने उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया है।