क्षेत्र के प्यारेपुर गांव में कब्रिस्तान की भूमि से अवैध कब्जा हटवाने के बाद उस स्थान की सफाई कराने गए लेखपाल से दूसरे पक्ष के लोगों का विवाद हो गया। देर शाम लेखपाल के तहसील पहुंचने पर विपक्षी आ धमके और हमलाकर पीटा। इस मामले में थाने पर तहरीर दी गई है। उधर, तहसील परिसर में लेखपाल पर हुए हमले से गुस्साए लेखपालों ने तहसील परिसर में धरना प्रदर्शन कर नारेबाजी की।
कैसरगंज थाना क्षेत्र के प्यारेपुर गांव में स्थित कब्रिस्तान की जमीन पर कुछ लोग अरसे से काबिज थे। इसकी शिकायत ग्रामीणों ने की थी। अधिकारियों के आदेश पर लेखपाल वाहिद कमाल ने गांव पहुंचकर पैमाइश करवाकर कब्जा हटवाया। इस दौरान दूसरे पक्ष ने विवाद शुरू कर दिया। किसी तरह मौके पर मामला शांत हुआ।
कब्जा हटवाने के बाद सफाई करवाकर लेखपाल तहसील पहुंचे तो पीछे से विपक्षी आ धमके और उन्होंने तहसील परिसर में लेखपाल पर हमला कर जमकर पीटा। शोर सुनकर तहसील के कर्मचारी दौड़े तो हमलावर जानमाल की धमकी देकर भाग गए।
कुछ हमलावरों की बाइकें भी तहसील परिसर में छूट गईं। पीड़ित लेखपाल वाहिद कमाल ने इस मामले में कैसरगंज थाने में सात लोगों के खिलाफ नामजद तहरीर दी है। प्रभारी निरीक्षक श्याम बहादुर सिंह ने बताया कि जांच की जा रही है। दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इस घटना से लेखपाल आक्रोशित हैं। लेखपाल संघ के तहसील अध्यक्ष पवन कुमार चौहान ने बताया कि हमलावरों के खिलाफ थाने पर तहरीर दी गई है।
उधर, कैसरगंज तहसील परिसर में लेखपाल पर हुए हमले से गुस्साए लेखपालों ने तहसील परिसर में धरना प्रदर्शन कर नारेबाजी की। एसडीएम पंकज कुमार ने हमलावरों के खिलाफ कार्रवाई का आश्वासन देकर आंदोलन खत्म कराया। धरने में संघ के तहसील अध्यक्ष पवन कुमार, मंत्री त्रियुगी नरायन शुक्ल आदि मौजूद रहे। धरनास्थल पर पहुंचे प्रभारी निरीक्षक श्यामबहादुर सिंह ने बताया कि कुछ आरोपियों को हिरासत में ले लिया गया है।