करवा-चौथ पर बेटी की ससुराल जा रहे एक ग्रामीण पर बुधवार शाम कतर्नियाघाट रेंज क्षेत्र में तेंदुए ने हमला कर दिया। तेंदुआ धान के खेत में छिपा था। अचानक हुए हमले के बावजूद ग्रामीण ने 15-20 मिनट तक तेंदुए का सामना किया। चीख सुनकर गांव के लोग दौड़े तब ग्रामीण की जान बच सकी।
तेंदुए के हमले में गंभीर रूप से घायल ग्रामीण को निजी चिकित्सक के यहां भर्ती कराया गया है। मौके पर पहुंचे वनाधिकारियों ने तेंदुए के हमले की पुष्टि की। कतर्नियाघाट रेंज क्षेत्र में ग्राम नई बस्ती निवासी परशुराम (50) पुत्र ननकऊ की बेटी की ससुराल पड़ोसी गांव टेड़िया में है। परशुराम बुधवार देर शाम को बेटी के घर करवा लेकर जा रहा था।
रास्ते में विशुनटांड़ा निवासी बड़कऊ के धान के खेत के निकट से गुजरते समय झाड़ियों में छिपे तेंदुए ने हमला कर दिया। बताया गया कि 15-20 मिनट तक परशुराम ने तेंदुए से संघर्ष किया। इसके साथ ही उसने मदद के लिए चीखा-चिल्लाया। जानकारी होते ही ग्रामीण दौड़ पड़े। ग्रामीणों के हांका लगाने व मशाल जलाने के बाद तेंदुए ने परशुराम को छोड़ा और जंगल की ओर चला गया।
इस हमले में परशुराम गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे रात में ही निजी चिकित्सक के यहां पहुंचाया गया। उसकी हालत नाजुक बताई जा रही है। हमले की सूचना पर प्रदेश के समाज कल्याण राज्यमंत्री बंशीधर बौद्ध व वन क्षेत्राधिकारी कतर्नियाघाट गयादीन भी मौके पर पहुंचे।
वन क्षेत्राधिकारी ने बताया कि पदचिन्हों से तेंदुए के हमले की पुष्टि हुई है। इलाज के लिए अहेतुक सहायता के रूप में परशुराम के परिवारीजनों को पांच हजार रुपये दिए गए हैं। मुआवजे के लिए उच्चाधिकारियों को पत्र लिखा गया है।