चरस तस्करी के केस मामले की सुनवाई करते हुए अपर सत्र न्यायाधीश बृजलाल चौरसिया ने नेपाली युवक को दोषसिद्ध करार दिया। उसे 10 साल की सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ एक लाख रुपये जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना अदा न करने पर 10 माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
दीवानी न्यायालय के एडीजीसी क्रिमनल फिरोज अहमद खां के मुताबिक पांच दिसंबर 2011 को एसएसबी के जवानों ने नेपाल सीमा पार कर भारतीय सीमा क्षेत्र में पहुंचे युवक को 5.238 किलो चरस के साथ दबोचा था। उसने नेपाल से चरस तस्करी की बात स्वीकार की थी।
एसएसबी और पुलिस पूछताछ में युवक की पहचान पश्चिम नेपाल के दांग जिला अंतर्गत राप्ती अंचल ओराही वार्ड नंबर 10 निवासी ईश्वर लाल रोका के रूप में हुई। शुक्रवार को अपर सत्र न्यायाधीश बृजलाल चौरसिया की कोर्ट में ईश्वर लाल को पेश किया गया।
केस में दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद कोर्ट ने ईश्वरलाल को दोष सिद्ध करार देते हुए 10 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई। न्यायालय ने एक लाख रुपये अर्थदंड से दंडित किया है।