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चुनावी संघर्ष में प्रत्याशी के बाबा की हत्या

Sat, 03 Oct 2015 10:09 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो/बहराइच
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बहराइच। पंचायत चुनाव की खींचतान अब खूनी संघर्ष में बदल गई है। कैसरगंज के रसूलाबाद गांव में शनिवार सुबह चुनाव प्रचार के दौरान जिला पंचायत सदस्य पद के दो प्रत्याशियों के समर्थक आमने-सामने आ गए।
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इसी बीच वार्ड नंबर 63 की जिला पंचायत सदस्य की प्रत्याशी रीता सिंह के समर्थन में माफिया अतुल सिंह ने सहयोगियों के साथ प्रतिद्वंद्वी प्रत्याशी राजन सिंह के घर पर धावा बोल दिया। ताबड़तोड़ कई चक्र फायरिंग की।

गोली लगने से राजन के बाबा की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दादी समेत दोनों पक्ष के 11 लोग घायल हुए हैं। इनमें से आठ का इलाज जिला अस्पताल में चल रहा है जबकि तीन को लखनऊ रेफर किया गया है। एसपी ने घटनास्थल का जायजा लिया है। मौके पर चार थानों की पुलिस बुलाई गई है।
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फरार हुए माफिया अतुल सिंह और जिपं प्रत्याशी के समर्थकों की तलाश में जिले की सीमा पर नाकेबंदी कर दी गई है। वाहनों की सघन चेकिंग चल रही है। इस मामले में मृतक के भाई ने माफिया और जिला पंचायत पद के प्रत्याशी रीता सिंह समेत 25 लोगों के खिलाफ नामजद और 15 अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज कराया है। पुलिस ने छह लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की है। बिना नंबर की एक चौपहिया गाड़ी भी बरामद की गई है।

रसूलाबाद गांव निवासी रणंजय सिंह की पत्नी रीता सिंह वार्ड नंबर 63 से जिला पंचायत सदस्य पद की प्रत्याशी हैं। इसी वार्ड से गांव निवासी राजन सिंह भी चुनाव लड़ रहे हैं। रीता सिंह के समर्थन में खनेहटा गांव निवासी माफिया अतुल सिंह भी चुनाव प्रचार कर रहा है।

शनिवार सुबह अतुल अपने दर्जनों समर्थकों के साथ प्रतिद्वंद्वी राजन के घर के सामने पहुंचा। उस समय राजन अपने भाई मनीष के साथ घर से कुछ ही दूरी पर स्थित मंदिर गए थे। माफिया ने राजन को अगवा करने की कोशिश की। चीख-पुकार सुनकर परिवार के लोग दौड़े तो दोनों पक्षों में कहासुनी हुई।

इसी दौरान माफिया ने अपने सहयोगियों के साथ राजन के परिवार पर हमला कर दिया। दोनों पक्षों में जमकर मारपीट हुई। गांव के लोग दौड़े तो हमलावरों ने फायरिंग शुरू कर दी। गोली लगने से राजन सिंह के दादा गुल्ले सिंह उर्फ गुलाब सिंह (65) ने मौके पर ही दम तोड़ दिया, जबकि गुल्ले की पत्नी नीलम सिंह, भाई गुरु प्रसाद, हरीराम सिंह और प्रत्याशी राजन सिंह लहूलुहान हो गए।

दूसरे पक्ष के पवन, संजय, सुरेश सिंह, सूर्यप्रताप, कौशलेंद्र प्रताप घायल हुए हैं। सूचना पाकर एसपी एसआर वर्मा, एएसपी सिटी दिनेश त्रिपाठी, सीओ अजय भदौरिया मौके पर पहुंचे।

गांव में तनाव देखते हुए कैसरगंज, फखरपुर, जरवलरोड और बौंडी थाने की पुलिस भी   बुलाई गई है। घटना के बाद माफिया अतुल सिंह और उसके सहयोगी फरार हैं। इनकी गिरफ्तारी के लिए गोंडा, बाराबंकी और लखीमपुर सीमा पर नाकेबंदी की गई है। वाहनों की सघन चेकिंग हो रही है।

एसपी ने बताया कि मृतक के भाई हरीराम सिंह की तहरीर पर माफिया अतुल सिंह समेत 25 लोगों को नामजद करते हुए और 15 अज्ञात के खिलाफ हत्या, बलवा फैलाने का केस दर्ज किया गया है।

माफिया अतुल पर दर्ज हैं कई मुकदमे
अतुल सिंह पर गुंडा वसूली, अपहरण, हत्या, फायरिंग व अन्य संगीन धाराओं में लखनऊ, लखीमपुर तथा उन्नाव में 46 केस दर्ज है। लखनऊ के केबल व्यवसायी केसरवानी हत्याकांड में भी माफिया अतुल सिंह का  नाम सामने आ चुका है। विभिन्न मामलों में वह साढ़े तीन साल जेल में निरुद्ध था। लोकसभा चुनाव के ठीक पहले वह जमानत पर रिहा हुआ।

2008 से चली आ रही रंजिश
पुलिस की तफ्तीश में यह बात भी सामने आई है कि माफिया अतुल सिंह तथा राजन सिंह के चाचा भट्ठा व्यवसायी हरीराम सिंह के बीच पहले से रंजिश चल रही है। वर्ष 2008-09 में विवाद हुआ था। उस दौरान फायरिंग भी हुई थी।

लखनऊ रवाना हुईं चार टीमें
एसपी सालिकराम वर्मा ने बताया कि अतुल सिंह लखनऊ में ही रहता है। उसकी तलाश में चार पुलिस टीमें लखनऊ रवाना की गई हैं, जबकि तीन टीमों को छापेमारी के लिए लगाया गया है। एसपी ने कहा कि वह स्वयं पूरे मामले पर नजर रख रहे हैं। शीघ्र ही आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जाएगा।
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