श्रावस्ती। आठ साल पहले मल्हीपुर के मकुनी झिरझिरवा निवासी एक युवक की हत्या करने वाले तीन अभियुक्तों को गुरुवार को अपर सत्र न्यायाधीश चंद्रभान ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई।
कोर्ट ने सात-सात हजार रुपये अर्थदंड भा लगाया है। तीनों हत्यारों ने फुटपाथ पर दुकान लगाने के विवाद में युवक को मौत के घाट उतारा था।
मल्हीपुर थाना क्षेत्र के मकुनी झिरझिरवा निवासी मुटरू उर्फ अफसर खां पुत्र अब्बास खां नौ दिसंबर 2007 को एक निमंत्रण में शामिल होने के लिए सोनवा थना क्षेत्र के दिकौली स्थित बुढ़वा बाबा की मजार जा रहा था लेकिन फिर घर नहीं लौटा था।
उसकी लाश 11 दिन बाद गांव के बाहर अरहर के खेत में स्थित कुएं में मिली थी। गला रेत कर उसकी हत्या की गई थी।
इस मामले में मृतक के पिता ने मल्हीपुर थाने में कहा था कि मुटरू के लापता होने के कुछ दिन पहले ही उसका विवाद गांव के ही बड़कऊ व जिबराइल से फुटपाथ पर दुकान लगाने को लेकर हुआ था।
इसी रंजिश के कारण बेटे की हत्या का आरोप लगाते हुए पिता ने बड़कऊ व जिबराइल समेत नेपाल के बांके जिला अंतर्गत थाना भगवानपुर के नारायणपुर निवासी सकलैन के खिलाफ केस दर्ज कराया था। कुछ दिन बाद पुलिस ने तीनों को गिरफ्तार कर लिया था।
मामले के विचारण के उपरांत गुरुवार अपर सत्र न्यायाधीश चंद्रभान तृतीय ने बड़कऊ उर्फ मकसूद, जिबराइल व सकलैन पर दोष सिद्ध करते हुए तीनों को आजीवन कारावास व सात सात हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है।
मामले में अभियोजन की पैरवी अपर जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी सतीश कुमार मौर्य द्वारा की जा रही थी। सजा पाए तीनों आरोपियों को पुलिस अभिरक्षा में लेकर जिला कारागार बहराइच भेज दिया गया है।