बहराइच। मुफ्त जांच-मुफ्त इलाज, मुख्यमंत्री का यह दावा सरकारी अस्पतालों में बेमानी है। ताजा मामला बहराइच जिला अस्पताल की पैथोलॉजी का है।
यहां जांच के नाम पर मरीजों को लूटा जा रहा है। मंगलवार को खून जांच कराने पहुंचे एक मरीज से लैब टेक्नीशियन ने सौ रुपये वसूल लिए।
यह मामला जब सीएमएस तक पहुंचा तो उन्होंने रुपये वापस कराए। स्पष्टीकरण तलब किया है।
प्रदेश सरकार ने सूबे के सभी सरकारी अस्पतालों की पैथोलॉजी में सौ प्रकार की जांचें मुफ्त कर दी हैं लेकिन यह व्यवस्था जिला अस्पताल में सिर्फ कागजों पर लागू है।
मोतीपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत उर्रा बाजार निवासी राजू जायसवाल (26) को कमजोरी व पेट दर्द की समस्या थी।
इस पर उसने मंगलवार को जिला अस्पताल के वरिष्ठ फिजीशियन व चेस्ट रोग विशेषज्ञ डॉ. अशरफ हुसैन से परामर्श लिया।
डॉ. हुसैन ने खून जांच कराने की सलाह दी। राजू जब पैथोलॉजी पहुंचा तो लैब टेक्नीशियन (एलटी) रवि त्रिपाठी मिले। उन्होंने पहले तो ऊपर से नीचे तक राजूू को घूरा, इसके बाद जांच का शुल्क सौ रुपये बताया।
राजू ने भी सौ रुपये दे दिए लेकिन रवि ने कोई रसीद नहीं दी। इस पर राजू को शक हुआ तो वह इसकी शिकायत करने मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. माहेश्वरी पांडेय के कार्यालय पहुंचा लेकिन सीएमएस नहीं मिले।
वह राउंड पर निकले थे। इसकी भनक जब मीडियाकर्मियों को लगी तो सीएमएस डॉ. पांडेय हरकत में आ गए।
उन्होंने लैब टेक्नीशियन को फटकार लगाते हुए लिए रुपये वापस कराए। सीएमएस ने एलटी से स्पष्टीकरण तलब किया है।