बिजली निगम में डेढ़ लाख से ज्यादा के घोटाले का खुलासा होने पर अधिशासी अभियंता ने अवर अभियंता को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। साथ ही विभागीय कार्रवाई के लिए उच्चाधिकारियों को पत्र लिखा है। अवर अभियंता ने उपभोक्ताओं के बकाया बिजली बिल जमा करने के नाम पर एक लाख 63 हजार 953 रुपये की रसीदें काटीं लेकिन सरकारी खजाने में महज 1121 रुपये जमा किए। यह घोटाला तीन रसीदों के जरिये किया गया।
पावर कार्पोरेशन के अधीशासी अभियंता आरिफ अहमद ने बताया कि अवर अभियंता विजय तिवारी ने 30 जून को अन्नपूर्णा राइस मिल का 50 हजार रुपया व 31 मार्च को 30453 रुपये तथा 28 फरवरी को गोकुल प्रसाद वर्मा के बकाया बिजली बिल की 48500 रुपये की रसीदें काटीं।
लेकिन कार्यालय में जो रसीदें जमा कीं, उनमें अन्नपूर्णा राइस मिल के 30 जून की रसीद में 379 रुपये, 31 मार्च की रसीद में 371 रुपये और 28 फरवरी को गोकुल प्रसाद वर्मा के नाम पर काटी गई रसीद में 371 रुपये की धनराशि दिखाई गई। रसीद की द्वितीय प्रति कार्यालय में जमा की।
जांच में पता चला कि अवर अभियंता ने एक लाख 62 हजार 832 रुपये का गोलमाल किया। पुष्टि होने के बाद अवर अभियंता विजय तिवारी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया। जबकि विभागीय कार्रवाई के लिए उच्चाधिकारियों को पत्र लिखा गया है।
अधिशासी अभियंता ने बताया कि निलंबन अवधि में अवर अभियंता को अधीक्षण अभियंता विद्युत वितरण मंडल बहराइच कार्यालय से संबद्ध कर दिया गया है।