बहराइच। खैरीघाट थाना क्षेत्र से तीन दिन पहले पकड़ी गई किशोरी को कोर्ट में बयान के लिए महिला थाने भेजा गया था। यहां से उसे जिला अस्पताल के विशेष वार्ड में भेज दिया गया, जहां महिला सिपाही ने खैरीघाट के एक दरोगा के कहने पर किशोरी को आरोपियों के सुपुर्द कर दिया।
सूचना मिलने पर एसपी ने पड़ताल शुरू की तो हड़कंप मच गया। आननफानन किशोरी को नानपारा बस स्टैंड से पकड़ा गया, जबकि आरोपी भाग निकले। एसपी ने दरोगा व महिला सिपाही को रात में ही निलंबित कर जांच शुरू कर दी है।
खैरीघाट थाना क्षेत्र के एक गांव की किशोरी को कुछ माह पूर्व गांव के ही कुछ युवक लेकर फरार हो गए थे। पुलिस ने छह लोगों को नामजद करते हुए रिपोर्ट दर्ज की थी।
रिपोर्ट दर्ज करने के बाद पुलिस ने किशोरी को खोज निकाला था। किशोरी को कोर्ट पर बयान के लिए दो दिन पूर्व महिला थाने में भेजा गया। यहां एक दिन किशोरी को थाने में रखा गया।
इसके बाद महिला सिपाही मनोरमा राय की देखरेख में किशोरी को जिला अस्पताल के महिला वार्ड भेज दिया गया। यहां सिपाही ने फोन से किशोरी की बात आरोपियों से कराई, जिस पर परिवार के लोगों ने नाराजगी जताई थी।
इसके बाद मनोरमा ने खैरीघाट थाने के दरोगा महेंद्र चौहान के कहने पर किशोरी को सोमवार रात आरोपियों को सौंप दिया। इसकी भनक लगने पर एसपी नेहा पांडेय भड़क उठीं।
एसपी ने पड़ताल शुरू की तो सिपाही ने आरोपियों को सूचना दे दी। इस पर आरोपी नानपारा बस स्टैंड पर किशोरी को छोड़कर रफूचक्कर हो गए।
महिला थाने की एसओ सरोज शर्मा ने मौके पर जाकर किशोरी को पकड़ लिया। सोमवार देर रात ही एसपी ने दरोगा महेंद्र चौहान और महिला सिपाही मनोरमा राय को निलंबित कर दिया।