बहरइच (ब्यूरो)। मुफ्त एंबुलेंस-मुफ्त इलाज के नाम पर जिले में सिर्फ छलावा किया जा रहा है। इसका ताजा उदाहरण सोमवार की देर शाम दिखा।
हुआ यूं कि एक किशोरी खाना बनाते समय झुलस गई जिसे मोतीपुर सीएचसी से डॉक्टरों ने जिला अस्पताल रेफर कर दिया लेकिन ऐंबुलेंस चालक ने बहराइच जाने से ही मना कर दिया।
पिता ने लाख मिन्नतें की लेकिन चालक का दिल नहीं पसीजा। इस पर आर्थिक रूप से कमजोर ग्रामीण ने मंगलवार को रुपये का इंतजाम कर बेटी को निजी वाहन से जिला अस्पताल पहुंचाया है। ग्रामीण ने इसकी शिकायत डीएम से करने की बात कही है।
मोतीपुर थाना अंतर्गत गूढ़ चौराहा गांव निवासी अनीता (15) सोमवार की देर शाम खाना बनाते समय झुलस गई। परिवार वालों ने उसे मोतीपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया। लेकिन डॉक्टरों ने गंभीर हालत देखकर उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया।
रात में कोई वाहन न मिलने के कारण पिता अजीत कुमार ने एंबुलेंस चालक से संपर्क साधा, लेकिन उसने जिला अस्पताल आने से साफ कर दिया। अजीत ने उससे काफी मिन्नतें की लेकिन चालक नहीं माना।
इस पर मनमसोस कर अजीत कुमार बेटी को लेकर घर लौट गया। गांव में उसने रुपये का इंतजाम कर मंगलवार की सुबह बेटी अनीता को जिला अस्पताल पहुंचाया है।
डॉक्टरों के अनुसार अनीता करीब 60 फीसदी झुलसी है। हालत बेहद नाजुक है। उधर, पिता अजीत कुमार का कहना कि मुफ्त एंबुलेंस की सुविधा ग्रामीणों के लिए जरूर है, लेकिन लाभ नहीं मिल रहा है। 16 सौ रुपये खर्च कर बेटी को जिला अस्पताल पहुंचाया है। इसकी शिकायत डीएम से करेंगे।