आईएएस अफसर की मौत पर रोते परिवारीजन
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शहर के काननूगोपुरा मोहल्ला निवासी आईएएस अधिकारी अनुराग तिवारी का शव बुधवार सुबह लखनऊ के हजरतगंज इलाके में सड़क पर पड़ा मिलने से परिवारीजनों में कोहराम मचा है। बुधवार को ही अनुराग का जन्मदिन था। घर में महा मृत्युंजय जाप व पूजा-अर्चना की तैयारी चल रही थी कि इसी बीच अनुराग की मौत की खबर मिली तो माता-पिता समेत पूरा परिवार बिलख पड़ा। कुछ ही देर में उनके घर पर रिश्तेदारों व परिचितों का तांता लग गया। परिवार को बिलखते देख ढांढस बंधाने पहुंचे लोगों की भी आंखें नम हो गईं। फफकते हुए पिता बोले, बेटा नागवार में फूड कमिश्नर पद पर तैनात था। उसकी ईमानदारी से भ्रष्ट अफसर त्रस्त थे। जिसके चलते उन्होंने ही बेटे की हत्या कराई है।
कानूनगोपुरा मोहल्ला निवासी डॉ. बीएन तिवारी किसान पीजी कॉलेज में केमिस्ट्री विभाग के विभागाध्यक्ष पद से कुछ दिनों पूर्व ही सेवानिवृत्त हुए हैं। उनके तीन बेटों में मंझला बेटा अनुराग तिवारी वर्ष 2007 में कर्नाटक में आईएएस पद पर चयनित हुआ था। उसकी 27वीं रैक थी। इस समय वह कर्नाटक के नागवार में फूड कमिश्नर पद पर तैनात था। वर्ष 2008 में अनुराग का विवाह कानपुर के एक पीसीएस अधिकारी की पुत्री अरुणिमा पाठक से हुआ था। मगर माह भर में ही पति-पत्नी में अनबन होने पर तलाक हो गया।
बुधवार 17 मई को अनुराग का जन्मदिन था। जिसके चलते वह मंगलवार को नागवार से लखनऊ पहुंचे। जहां उनके मित्र एलडीए के वाइस चेयरमैन पीएन सिंह ने अनुराग के ठहरने के लिए मीराबाई मार्ग स्थित वीआईपी गेस्ट हाउस में कमरा नंबर 19 बुक कराया था। बुधवार सुबह अनुराग मार्निंग वॉक के लिए निकले, लेकिन वापस नहीं लौटे। कुछ देर बाद सड़क किनारे उनका शव पड़ा मिला। सुबह नौ बजे के आसपास बहराइच स्थित घर में जन्मदिन पर पूजा-अर्चना और महा मृत्युंजय जाप की तैयारी कर रहे परिवारीजनों को अनुराग की लखनऊ में लाश मिलने की खबर मिली तो कोहराम मच गया।
पूजन के लिए पंडितों के साथ ही कुछ रिश्तेदार भी घर आ चुके थे। बेटे की मौत की खबर मिलते ही मां-बाप बिलख उठे। रिश्तेदारों व मोहल्ले के लोगों को अनुराग की मौत की सूचना मिली तो वो भी कुछ ही देर में रिटायर्ड प्रोफेसर डॉ. बीएन तिवारी के घर पहुंच गए। परिवारीजनों को बिलखते देख ढांढस बंधाने पहुंचे लोगों की आंखें भी नम हो गईं। वहीं, मां सुशीला देवी की हालत अर्द्ध विक्षिप्त जैसी हो गई है।