उत्तर प्रदेश मानवाधिकार आयोग ने अमर उजाला की खबर का संज्ञान लिया है। आयोग ने शुक्रवार को छपी बहराइच की खबर ‘बिना फीस नहीं लगाया हाथ, मासूम की मौत’ के मामले में प्रमुख सचिव स्वास्थ्य, डीएम बहराइच व सीएमओ बहराइच को इस मामले में कार्रवाई करने के लिए कहा है।
आयोग के अध्यक्ष एस रफत आलम ने 15 दिनों में कार्रवाई करने के लिए कहा है। आयोग ने इस घटना को मानवाधिकार का उल्लंघन बताया है। गंभीर प्रकरण को देखते हुए आयोग ने इस मामले को स्वत: संज्ञान में लेकर कार्रवाई की है।
दरअसल, बहराइच के खैरीघाट क्षेत्र में गैल नयापुरवा नरोत्तमपुर निवासी मल्हू जायसवाल के 11 दिन के मासूम बेटे की बुधवार रात तबीयत खराब हो गई थी। वह अपने बेटे को लेकर पीएचसी बेहड़ा गया। वहां डॉक्टर नहीं मिले।
वह डॉक्टर के घर पहुंचा। डॉक्टर ने खिड़की खोली और फीस के पैसे मांगे थे। पैसे के बिना इलाज से इनकार कर दिया था। सुबह वह जिला अस्पताल पहुंचा तो उन्होंने लखनऊ रेफर कर दिया। बाद में उस मासूम की मौत हो गई थी।
बहराइच के मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. डीआर सिंह ने कहा कि इस मामले पर उनकी नजर है। वे स्वयं जांच करेंगे। कहा कि दोष सिद्ध होने पर आरोपी डॉक्टर के खिलाफ आयोग को रिपोर्ट भेजी जाएगी और कड़ी कार्रवाई भी होगी।