अग्निकांडों में गुरुवार को एक बालिका जिंदा जल गई। जबकि मवेशियों को लपटों से बचाने के प्रयास में एक युवक झुलस गया। इसी के साथ अलग-अलग स्थ्ाानों पर 151 घर व 74 बीघा फसल जल गई।
गुरुवार दोपहर महसी के परसोहना गांव में ननकऊ के घर में उस समय आग लग गई, जब परिवार के लोग दोपहर में खाना खाने के बाद घर में आराम कर रहे थे। आग लगने की जानकारी होते परिवार के लोग तो भाग खड़े हुए। लेकिन घर में सो रही ननकऊ की बेटी फूलन (7) का ख्याल परिवार के सदस्यों को नहीं रहा। परिवारीजन गृहस्थी निकालने में जुट गए।
इसी दौरान घर में सो रही फूलन का ख्याल पिता ननकऊ व मां जुगरा को आया तो सभी बिलख पड़े। पिता ने घर में घुसने की कोशिश की तो उन्हें ग्रामीणों ने रोक लिया। इस दौरान गांव के लोग आग बुझाने में जुटे रहे। तभी लपटों ने पड़ोसी मेवालाल और राम खेलावन के मकान को भी आगोश में ले लिया। इन दोनों के मकान भी जल गए। बालिका के शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है।
उधर इसी थाना क्षेत्र में बेलहा-बेहरौली तटबंध पर रह रहे गांव निवासी रामनरेश, बाबू, दीनू, सुरेश समेत 19 लोगों के मकान भी अचानक लगी आग से जलकर राख हो गए। झोपड़ियों में रह रहे बाढ़ और कटान पीड़ितों की गृहस्थी का सामान राख के ढेर में तब्दील हो गया।
पयागपुर संवाददाता ने बताया कि क्षेत्र के अमदापुर के अहिरनपुरवा में लगी आग में गांव निवासी मेवालाल व भगवानदास के मकान जल गए। दोनों ग्रामीणों के तीन मवेशी भी झुलस गए। बरामदे में बंधे मवेशियों को आग की लपटों से बचाने के लिए भगवानदास का पुत्र गुड्डू (18) लपटों की चपेट में आकर झुलस गया। उसे पयागपुर सीएचसी में भर्ती कराया गया है।
वहीं पयागपुर गांव में अज्ञात कारणों से लगी आग में घनश्याम मिश्र के दो मवेशियों की जिंदा जलकर मौत हो गई। जबकि पूरा मकान राख हो गया। सभी स्थानों पर आग की घटनाओं से 12 लाख से अधिक का नुकसान हुआ है।
वहीं, कैसरगंज के नौवनपुरवा सखौता गांव निवासी मेराज के घर से गुरुवार शाम उठी लपटों से पूरा गांव धधक उठा। थाने पर सूचना दी गई दमकल वाहन पहुंचा लेकिन तब तक सभी ग्रामीणों के मकान आग की लपटों से घिर चुके थे। लोगों के मकान में रखा अनाज, कपड़ा, बर्तन व गृहस्थी का अन्य सामान जल गया।
ग्रामीणों ने कोशिश की लेकिन सफल नहीं हो सके। पूरा गांव एक घंटे में खंडहर में तब्दील हो गया है। चल रही पछुआ हवा के चलते गांव में 105 मकान जले हैं। चीख पुकार मची हुई है। तहसीलदार डॉ. उमाशंकर त्रिपाठी ने बताया कि ग्रामीणों के रहने और भोजन का इंतजाम ग्राम प्रधान के सहयोग से कराया जा रहा है।
रुपईडीहा थाना अंतर्गत कुतुबुद्दीनपुर निवासी पीतांबर वर्मा के गन्ने के खेत में शॉर्ट सर्किट से लगी आग में तीन बीघा गन्ने की फसल जलकर राख हो गई। वहीं रिसिया थाना क्षेत्र के सेमरहना गांव में लगी आग से 45 बीघा गेहूं की फसल जली है। पयागपुर थाना क्षेत्र में आग से 15 बीघा गेहूं की फसल जल गई।
श्रावस्ती में इकौना देहात के मजरा लोनियन पुरवा व पासी पुरवा आपस में सटे हैं। लोनियन पुरवा निवासी राजाराम के घर के पास घूर लगा है। गुरुवार सुबह उसमें किसी ने चूल्हे की राख फेंकी थी। जिसकी चिन्गारी से आग लग गई। देखते ही देखते राजाराम का घर लपटों की चपेट में आकर जलने लगा।
तेज पछुआ हवा के कारण लपटें तेज होती गईं और पास में ही रहने वाले ननकू, मंगरे, नंदू, कांशीराम, बच्चाराम, मनीराम, शिवकुमार, लोकई, सियाराम, गुरुराम सहित 20 लोगों के घर आग की चपेट में आ गए। अग्निशमन कर्मियों ने ग्रामीणों की मदद से आग पर काबू पाया। मगर तब तक इकौना के पूर्व नगर पंचायत अध्यक्ष महमूद आलम नईमी की दो बीघा गेहूं की फसल समेत सभी 20 घर पूरी तरह से जल गए।
इन घरों में रखा सारा सामान भी जल गया। वहीं, इकौना के ही वीरपुर खैरहनिया में गुरुवार दोपहर अज्ञात कारणों से आग लगने से 12 बीघा गेहूं की फसल जल गई। वहीं, भिनगा के नव्वा गांव में आग लगने से दो बीघा गेहूं की फसल जल गई।